UPI का नया फीचर ला सकता है बड़ा बदलाव, बिना इंटरनेट भी हो सकेगा ₹2000 तक का भुगतान

नई दिल्ली। अगर आप रोजाना UPI के जरिए भुगतान करते हैं तो जल्द ही आपके लिए बड़ी राहत की खबर आ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक ऐसे नए फीचर पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से बिना इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के भी UPI पेमेंट किया जा सकेगा। यह सुविधा Near Field Communication (NFC) तकनीक पर आधारित होगी। हालांकि, NPCI ने अभी तक इस फीचर की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नई सुविधा के तहत यूजर्स अपने UPI Lite Wallet में पहले से बैलेंस जोड़ सकेंगे। इसके बाद इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध न होने पर भी NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को PoS (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन पर टैप कर भुगतान किया जा सकेगा। छोटे ट्रांजैक्शन के लिए UPI PIN की आवश्यकता भी नहीं पड़ सकती।
₹2000 तक हो सकती है ट्रांजैक्शन लिमिट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती चरण में इस ऑफलाइन UPI सुविधा के तहत अधिकतम ₹2000 तक के ट्रांजैक्शन की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, लॉन्च के समय नियमों और लिमिट में बदलाव संभव है।
PoS कंपनियों को मिलेगा सर्टिफिकेशन
बताया जा रहा है कि NPCI इस नई तकनीक के लिए PoS मशीन बनाने वाली कंपनियों को प्रमाणित (सर्टिफाई) करेगा, ताकि NFC आधारित ऑफलाइन भुगतान सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया वर्ष के अंत तक शुरू हो सकती है।
पहले से भी हैं ऑफलाइन UPI विकल्प
भारत में फिलहाल कुछ ऑफलाइन UPI सेवाएं पहले से उपलब्ध हैं, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली अलग है।
- *99# सेवा: यह USSD तकनीक पर आधारित है, जिसमें बिना इंटरनेट भुगतान किया जा सकता है, लेकिन मोबाइल नेटवर्क जरूरी होता है।
- UPI 123Pay: यह फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के लिए है, जिसमें IVR (वॉयस कॉल) के माध्यम से भुगतान किया जाता है। इसके लिए भी मोबाइल नेटवर्क आवश्यक है।
NFC आधारित Offline UPI क्यों होगा खास?
यदि यह फीचर लॉन्च होता है तो यह मौजूदा ऑफलाइन भुगतान सुविधाओं से अलग होगा, क्योंकि इसमें भुगतान के समय न तो इंटरनेट की आवश्यकता होगी और न ही मोबाइल नेटवर्क की। इससे कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी डिजिटल भुगतान आसान हो सकेगा। साथ ही Tap-to-Pay के जरिए तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक ट्रांजैक्शन का अनुभव मिलेगा।
फिलहाल NPCI ने इस फीचर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए इसकी लॉन्च डेट, ट्रांजैक्शन लिमिट, UPI PIN से जुड़े नियम और अन्य सुविधाओं की अंतिम जानकारी आधिकारिक ऐलान के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि यह सुविधा शुरू होती है, तो भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम में यह एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।



