बस्तर जिले में अमृत सरोवरों पर लहराया तिरंगा और रोपे गए पौधे स्वतंत्रता दिवस पर दोहरा उत्सव

जगदलपुर | स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत नव-निर्मित और पुनर्जीवित किए गए सरोवरों के निकट भव्य ध्वजारोहण समारोहों के साथ-साथ व्यापक वृक्षारोपण अभियान भी चलाए गए। इन आयोजनों ने राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के महत्व को भी रेखांकित किया।
देशभक्ति और हरियाली का संगम
जिले भर में फैले विभिन्न अमृत सरोवरों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस दौरान देशभक्ति के नारे गूंजे और राष्ट्रगान का गायन किया गया, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। ध्वजारोहण के तुरंत बाद इन्हीं सरोवरों के किनारों पर विभिन्न प्रकार के पौधे रोपे गए।
जल और जीवन का आधार अमृत सरोवर
उल्लेखनीय है कि इन सरोवरों का निर्माण और जीर्णोद्धार अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत किया गया है, जिसका उद्देश्य देश के हर जिले में कम से कम 75 जल निकायों का निर्माण या नवीनीकरण करना है। ये सरोवर न केवल जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं,
बल्कि भूजल स्तर को बढ़ाने, सिंचाई सुविधा प्रदान करने और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। वृक्षारोपण अभियान ने इन सरोवरों के महत्व को और बढ़ा दिया है, क्योंकि ये पौधे भविष्य में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को समृद्ध करने में मददगार होंगे।
यह भी उल्लेखनीय है कि अमृत सरोवर केवल जल निकाय नहीं हैं, बल्कि ये हमारे समृद्ध इतिहास और उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। इन सरोवरों के निकट ध्वजारोहण और वृक्षारोपण हमें अपनी स्वतंत्रता, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने की अपनी जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। इस पहल में सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर भी जोर दिया गया, जिससे इन सरोवरों का रखरखाव और वृक्षारोपण का कार्य निरंतर जारी रह सके।
उपस्थित लोगों ने अमृत सरोवरों के निर्माण और उनके आसपास वृक्षारोपण को एक सराहनीय पहल बताया, जो जल सुरक्षा और हरित पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। बस्तर जिले में स्वतंत्रता दिवस का यह दोहरा उत्सव, निश्चित रूप से आत्मनिर्भर भारत और समृद्ध बस्तर की कल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।