छत्तीसगढ़
शालाओं में मध्यान्ह भोजन संचालन हेतु कलेक्टर ने जारी किए दिशा-निर्देश — लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

बलौदाबाजार-भाटापारा😐 पीएम पोषण निर्माण योजना अंतर्गत जिले के सभी मध्यान्ह भोजन संचालित शालाओं में सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर दीपक सोनी ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
जारी निर्देशों के अनुसार—
- मध्यान्ह भोजन में उपयोग होने वाले बर्तन, खाद्य सामग्री, किचन शेड और भंडार कक्ष की नियमित साफ-सफाई अनिवार्य होगी।
- किचन शेड के आसपास सप्ताह में दो बार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाए।
- किचन शेड को चारों तरफ जालीदार तार से घेरा जाए ताकि आवारा कुत्ते, मवेशी, मकड़ी और छिपकली वहां न जा सकें।
- भोजन बनाने से पहले अनाज, दाल और मौसमी सब्जियों की अच्छे से सफाई और गुणवत्ता की जांच की जाए।
- भोजन वितरण से पूर्व प्रधानपाठक और शिक्षक बच्चों को साबुन से हाथ धुलवाना सुनिश्चित करें।
- प्रधानपाठक या प्रभारी शिक्षक प्रतिदिन भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण करेंगे।
- गुणवत्ताहीन भोजन प्रदान करने वाले स्व-सहायता समूह के खिलाफ कार्यवाही के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाए।
- मध्यान्ह भोजन की निगरानी में पालकों की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि इन दिशा-निर्देशों का पालन बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।