छत्तीसगढ़

छठ महापर्व का समापन : राजधानी समेत प्रदेश में भगवान सूर्य को दिया आस्था का अर्घ्य

रायपुर. देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी कठिन उपवास, उपासना के पर्व छठ पूजा का सोमवार को समापन हुआ. छठ व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया. इससे पहले रविवार की शाम डूबते सूर्य की पूजा की गई थी. रायपुर के महादेव घाट, बीरगांव, सेजबहार, उरला, भिलाई के प्रमुख तालाबों समेत, सरगुजा, अंबिकापुर, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा जैसे जिलों में मिनी नॉर्थ इंडिया का माहौल देखने को मिला. यहां रविवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भोजपुरी गानों की धूम रही.

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत 28 अक्टूबर को नहाए-खाय के साथ हुई थी. 29 अक्टूबर को छठ पर्व का दूसरा दिन खरना मनाया गया. 30 अक्टूबर को डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य दिया गया और 31 अक्टूबर यानी आज उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ पर्व संपन्न हुआ.

धार्मिक मान्यताओं को अनुसार, छठ व्रत खास तौर पर संतान प्राप्ति और उसकी खुशहाली के लिए रखा जाता है. जो लोग संतान सुख से वंचित हैं, उनके लिए यह व्रत लाभकारी साबित होता है. मान्यता है कि छठ पूजा करने से छठी मइया की कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

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Kailash Jaiswal

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