टीम इंडिया में बड़े बदलाव के संकेत: न्यूजीलैंड ODI सीरीज में पंत पर गिरी गाज, गिल को लेकर भी चर्चा

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच अगले महीने प्रस्तावित तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया के चयन को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। 11 जनवरी से शुरू होने वाली इस सीरीज के लिए जल्द ही टीम की घोषणा होने की संभावना है, लेकिन उससे पहले ही कुछ अहम बदलावों के संकेत मिल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस बार चयनकर्ताओं की नजर नए विकल्पों पर है और इसी वजह से विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत का वनडे टीम में चयन मुश्किल माना जा रहा है। अगर पंत टीम से बाहर रहते हैं, तो ईशान किशन की वनडे टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। हाल के महीनों में ईशान का प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट में बेहद प्रभावशाली रहा है, जिसने उन्हें एक बार फिर मजबूत दावेदार बना दिया है।
ईशान किशन ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और झारखंड को पहली बार खिताब जिताने में निर्णायक भूमिका निभाई। फाइनल मुकाबले में उनका शतक चर्चा का विषय रहा। इसके अलावा विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा, जहां कर्नाटक के खिलाफ 33 गेंदों में शतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट में भारत की ओर से दूसरा सबसे तेज शतक लगाने का कारनामा किया।
दूसरी ओर, ऋषभ पंत का वनडे करियर फिलहाल ठहराव के दौर से गुजरता नजर आ रहा है। अगस्त 2024 के बाद से उन्हें प्लेइंग इलेवन में नियमित मौके नहीं मिल पाए हैं। चयन समिति इस सीरीज में संयोजन बदलकर नए चेहरों को आजमाने के मूड में दिखाई दे रही है।
कप्तानी को लेकर भी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। चोट से उबर चुके शुभमन गिल की वनडे कप्तान के रूप में वापसी की प्रबल संभावना जताई जा रही है। गर्दन की चोट के कारण वह पिछली सीरीज से बाहर थे, लेकिन अब उनकी फिटनेस में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं, उपकप्तान श्रेयस अय्यर की उपलब्धता अभी भी संदेह में है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगी चोट के बाद वह बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अभ्यास कर रहे हैं, हालांकि मेडिकल क्लीयरेंस का इंतजार है।
गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में केएल राहुल ने कप्तानी संभाली थी और टीम इंडिया ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की थी। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज में टीम संयोजन और नेतृत्व को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जो आने वाले वनडे कैलेंडर के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।



