मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान और दक्षिण कोरिया दौरे पर रवाना

रायपुर। भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुआ। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना और राज्य में औद्योगिक विकास एवं निवेश के नए अवसरों को आकर्षित करना है।
जापान में निवेशक संवाद
प्रतिनिधिमंडल 22 से 24 अगस्त तक टोक्यो में रहेगा, जहाँ जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों का आयोजन होगा। इसके बाद 25–26 अगस्त को ओसाका में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भाग लेंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे।
सियोल में गोलमेज बैठकें
यात्रा का अंतिम चरण 27 से 29 अगस्त को सियोल (दक्षिण कोरिया) में होगा, जहाँ निवेशक गोलमेज बैठकों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात कर सेक्टर-विशेष संवाद करेंगे।
वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पवेलियन
ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन स्थापित किया जाएगा। यह पवेलियन राज्य की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को प्रदर्शित करेगा। इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों को फोकस किया गया है। अधिकारी बताते हैं कि यह पवेलियन वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक पेश करेगा।
निवेश और विकास को नई गति
मुख्यमंत्री साय इस यात्रा के दौरान जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों एवं निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। उद्देश्य है—दीर्घकालिक साझेदारियाँ स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना और प्रौद्योगिकी व नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान का आदान-प्रदान करना।
इस मिशन के तहत छत्तीसगढ़ इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका लक्ष्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास को नई गति देना है।