वैश्विक राजनीति में हलचल: ट्रंप ने मेक्सिको को बनाया नया निशाना

विक्टोरिया: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका की आक्रामक रणनीति एक बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों और कदमों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका अब लैटिन अमेरिका और उत्तरी अमेरिकी क्षेत्र में कड़े फैसलों की ओर बढ़ रहा है। वेनेजुएला में की गई कार्रवाई के बाद अब मैक्सिको और ग्रीनलैंड को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिए हैं कि ड्रग कार्टेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए मैक्सिको के कुछ इलाकों में सैन्य हस्तक्षेप पर भी विचार किया जा सकता है। ट्रंप का आरोप है कि मैक्सिको के रास्ते बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और अवैध घुसपैठिये अमेरिका में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है।
हाल ही में एक टीवी इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि समुद्री मार्ग से होने वाली ड्रग तस्करी पर काफी हद तक लगाम लगाई जा चुकी है और अब जमीनी रास्तों पर सक्रिय तस्कर गिरोहों के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मैक्सिको में संगठित अपराध का प्रभाव बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है।
ट्रंप के इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति की राजनीतिक शैली का हिस्सा है। उन्होंने साफ किया कि मैक्सिको संवाद और सहयोग के जरिए सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में विश्वास रखता है। इसी कड़ी में उन्होंने अपने विदेश मंत्री को अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच, वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को लेकर क्षेत्रीय देशों में असंतोष भी देखने को मिला है। कई नेताओं ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया। हालांकि, हाल के दिनों में अमेरिका और कुछ लैटिन अमेरिकी देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के संकेत भी सामने आए हैं, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अमेरिका की यह सख्त नीति अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नई बहस को जन्म दे सकती है और इसका असर पूरे अमेरिकी महाद्वीप की राजनीति पर पड़ सकता है।



