छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का कहर, रायपुर ने तोड़ा सालों पुराना रिकॉर्ड

CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में सर्दी ने इस बार अपना तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई इलाकों में तापमान लगातार गिर रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग ने 10 जनवरी तक राज्य के 18 जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में तेज ठंडी हवाओं के साथ कड़ाके की ठंड महसूस की जाएगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिसके चलते सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ेगी। ग्रामीण और खुले इलाकों में ठंड का असर ज्यादा गंभीर रहने की संभावना है।
इन जिलों में रहेगा शीतलहर का असर
मौसम विभाग के अनुसार सरगुजा संभाग और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। जिन जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, दुर्ग, बालोद, कबीरधाम और बेमेतरा शामिल हैं।
सुबह की धुंध ने बढ़ाई परेशानी
राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह तापमान गिरकर करीब 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई इलाकों में सुबह देर तक धुंध छाई रही, जिससे सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी और कई जगह सड़कों पर सन्नाटा नजर आया।
ठंड के चलते स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और मॉर्निंग वॉक करने वालों को भारी ऊनी कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
अम्बिकापुर में सबसे ज्यादा ठंड
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस अम्बिकापुर में दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे ठंडा इलाका रहा। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड किया गया।
अन्य प्रमुख तापमान इस प्रकार रहे—
- पेंड्रारोड: 6 डिग्री
- दुर्ग: 0 डिग्री
- जगदलपुर: 4 डिग्री
- माना एयरपोर्ट: 6 डिग्री
सरगुजा, दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर का असर साफ तौर पर देखा गया।
स्कूलों के समय में बदलाव
तेज ठंड को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कुछ जिलों में प्राथमिक स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद रखने का फैसला किया है। इनमें सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले शामिल हैं। वहीं, दो पालियों में चलने वाले स्कूल अब सुबह 9:30 बजे से संचालित किए जाएंगे।



