ट्रंप प्रशासन पर उठे सवाल, हेली बोलीं- भारत के साथ व्यवहार दुश्मनों जैसा

वॉशिंगटन। अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव गहराता जा रहा है। इस फैसले को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ही देश में विरोध का सामना कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है कि भारत के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार करना अमेरिका के लिए “रणनीतिक आपदा” साबित होगा।
हेली ने कहा कि चीन का मुकाबला करने के लिए भारत को सहयोगी और लोकतांत्रिक साझेदार के रूप में देखना आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत हमारा दुश्मन नहीं है।”
चीन से निपटने में भारत अहम
निक्की हेली ने स्पष्ट किया कि भारत का लोकतांत्रिक उदय चीन की तरह स्वतंत्र दुनिया के लिए खतरा नहीं है। उन्होंने भारत को एक बहुमूल्य लोकतांत्रिक साझेदार बताते हुए कहा कि चीन की महत्वाकांक्षाओं को रोकने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है। उनके अनुसार भारत के पास अमेरिका को सप्लाई चेन के लिए वैकल्पिक उत्पादन क्षमता देने की ताकत है।
भारत की बढ़ती ताकत पर जोर
हेली ने अपने लेख में भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही जापान को पीछे छोड़ देगा और उसका उदय चीन की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं के लिए बड़ी चुनौती बनेगा। “जैसे-जैसे भारत मजबूत होगा, चीन की महत्वाकांक्षाएं कमजोर होंगी।”
‘रणनीतिक भूल होगी भारत से दूरी’
हेली ने चेतावनी दी कि व्यापार विवाद को स्थायी दरार में बदलना अमेरिका की बड़ी और टाली जा सकने वाली भूल होगी। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी स्थिति का सीधा फायदा चीन उठा सकता है। साथ ही, उन्होंने भारत को भी सलाह दी कि रूसी तेल पर ट्रंप प्रशासन की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए दोनों देश मिलकर समाधान खोजें।