बरसते पानी में पटवारियों का गरजता आक्रोश : 4 सूत्रीय मांगों को लेकर बलौदाबाजार में निकाली गई विशाल रैली, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

बलौदाबाजार। अर्णव चक्रवात के प्रभाव से हो रही मूसलाधार बारिश भी पटवारियों के हौसले और आक्रोश को नहीं डिगा सकी। अपनी 4 सूत्रीय न्यायसंगत मांगों को लेकर बीते 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे राजस्व पटवारी संघ (जिला शाखा बलौदाबाजार-भाटापारा) के बैनर तले आज सैकड़ों पटवारियों ने काले कपड़े पहनकर बरसते पानी में एकदिवसीय विशाल आक्रोश रैली निकाली और कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
शासन का ध्यान आकर्षित करने हेतु आयोजित इस रैली में पटवारियों ने विपरीत मौसम के बावजूद काली पट्टी और काले वस्त्र धारण कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।

संघ के संभागीय अध्यक्ष भावेश वर्मा एवं जिलाध्यक्ष रसपाल सेन ने बताया कि प्रांत स्तरीय आह्वान पर यह हड़ताल और आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया गया है। उन्होंने संघ की 4 सूत्रीय प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि:
1. PV ऐप (फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप) का विरोध: प्रत्येक खेत में जाकर 4-4 फोटो खींचकर धान सत्यापन करने की व्यावहारिक समस्याओं के कारण इस ऐप का विरोध किया जा रहा है।
2. पदोन्नति प्रक्रिया में सुधार: पटवारियों को 50% वरिष्ठता एवं 50% विभागीय परीक्षा के माध्यम से पारदर्शी पदोन्नति दी जाए।
3. वेतन विसंगति का निवारण: वर्ष 2017-18 में ग्रेड पे संशोधन के बाद से लंबित वेतन विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए।
4. दंडात्मक कार्रवाइयों की वापसी: PV ऐप के न्यायसंगत विरोध के कारण पटवारियों पर किए गए स्थानांतरण एवं निलंबन आदेशों को अविलंब निरस्त किया जाए।
संभाग अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जब तक शासन द्वारा इन मांगों पर संवेदनशीलता से विचार कर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक प्रांतीय आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।


जनसामान्य के कार्य प्रभावित:
पटवारियों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते जिले भर में राजस्व प्रशासन का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, फौती नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा जैसे अति-आवश्यक जनहितकारी कार्य रुक जाने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



