संन्यास मार्ग पर नया मोड़: ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर पद से दिया इस्तीफा

नई दिल्ली | किन्नर अखाड़ा से जुड़ी एक अहम घटना में अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर पद से स्वयं को अलग करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद अब उनका अखाड़े से कोई औपचारिक या आधिकारिक जुड़ाव नहीं रह गया है।
इस संबंध में किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अखाड़े के पदाधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय सामने आया है। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, वर्तमान में ममता कुलकर्णी न तो अखाड़े की पदाधिकारी हैं और न ही सदस्य। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ज्योतिष पीठ एवं उससे जुड़े पुराने विवादों को लेकर अखाड़ा किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं करता।
वहीं, महामंडलेश्वर पद से हटाए जाने को लेकर उठे सवालों पर ममता कुलकर्णी ने साफ कहा कि उन्होंने स्वयं इस पद से इस्तीफा दिया है। उनका कहना है कि महामंडलेश्वर जैसा गरिमामय पद वर्षों की साधना, कठोर तपस्या और गहन आध्यात्मिक अनुशासन के बाद ही प्राप्त होता है।
ममता कुलकर्णी ने अपने बयान में आत्ममंथन करते हुए कहा कि फिलहाल वह स्वयं को इस दायित्व के योग्य नहीं मानतीं। उन्होंने स्वीकार किया कि अभी उनके भीतर कठोरता और सांसारिक बंधन शेष हैं, जिनसे मुक्त होना आवश्यक है। इसी आत्मबोध के चलते उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में आध्यात्मिक मार्ग पर स्वयं को और अधिक परिपक्व कर सकें।
इस घटनाक्रम के बाद किन्नर अखाड़ा और ममता कुलकर्णी, दोनों ने अपने-अपने स्तर पर स्थिति स्पष्ट कर दी है, जिससे अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद है।



