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सिलेंडर 1000 रुपये पार! बड़े शहरों में रसोई गैस के नए दाम

Cooking Gas :  भारत में घरेलू रसोई गैस के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और कई शहरों में सिलेंडर की कीमत अब 1000 रुपये के करीब या उससे ऊपर पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ रहा है और कई लोगों को गैस सिलेंडर की डिलीवरी में भी देरी का सामना करना पड़ रहा है।

गैस की कीमतों में अचानक उछाल क्यों?

विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव और युद्ध की स्थितियों का असर अब भारत की गैस सप्लाई पर दिखाई दे रहा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात पर निर्भर करता है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव से समुद्री मार्गों पर बाधा आई है, खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे प्रमुख रास्तों पर। इन मार्गों से खाड़ी देशों से ऊर्जा संसाधन आते हैं। सप्लाई में देरी और घरेलू खपत बढ़ने से बाजार में दबाव और बढ़ गया है।

नए रेट (मार्च 2026)

घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) और कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) के दाम प्रमुख शहरों में:

शहर घरेलू सिलेंडर () कमर्शियल सिलेंडर ()
पटना 1,002.50 2,133.50
हैदराबाद 965.00 2,105.50
लखनऊ 950.50 2,007.00
कोलकाता 939.00 1,988.50
भुवनेश्वर 939.00 2,029.00
चेन्नई 928.50 2,043.50
तिरुवनंतपुरम 922.00 1,912.00
गुड़गांव 921.50 1,901.50
जयपुर 916.50 1,913.00
बैंगलोर 915.50 1,958.00
नई दिल्ली 913.00 1,884.50
मुंबई 912.50 1,836.00
नोएडा 910.50 1,884.50
रायपुर 918.00 1,920.00

कई शहरों में सप्लाई में देरी के कारण बिना बुकिंग सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 1200–1500 रुपये में बिकते देखे जा रहे हैं।

सरकार ने उठाए कदम

सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है। इसके अलावा, नया नियम लागू किया गया है कि एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर कम से कम 25 दिन बाद ही बुक किया जा सके। सबसे पहले घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी, उसके बाद अस्पताल और स्कूल जैसी जरूरी सेवाओं को। साथ ही रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सप्लाई सामान्य रहे।

होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर असर

कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई सीमित होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित हो रहा है। कई व्यवसायी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि सप्लाई में देरी से बाहर खाने की सेवाओं पर असर पड़ सकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस पर एक कमेटी बनाई है जो आवश्यकतानुसार सप्लाई की समीक्षा करेगी।

स्थिति कितनी गंभीर है?

सरकार का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। भारत अब अपनी 70% ऊर्जा जरूरत ऐसे मार्गों से ला रहा है जो युद्ध क्षेत्र से दूर हैं। नई गैस खेप जल्द ही भारत पहुंचेगी, जिससे सप्लाई में सुधार की उम्मीद है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की कीमतों में तेज उछाल आया है—10.5 डॉलर से बढ़कर 25 डॉलर प्रति यूनिट तक—जिसका असर आयात पर निर्भर देशों में दिखाई दे रहा है।

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Kailash Jaiswal

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