UGC का नया आदेश: आधार न होने पर अटक सकती है छात्रवृत्ति

नई दिल्ली: देशभर के छात्रों और शोधार्थियों के लिए स्कॉलरशिप और फेलोशिप भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी छात्रवृत्ति या फेलोशिप का लाभ पाने के लिए बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य होगा।
UGC के अनुसार, यह कदम भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नई व्यवस्था के तहत सभी स्कॉलरशिप और फेलोशिप की राशि सीधे आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के जरिए लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।
इस सिस्टम में केवल वही बैंक खाता मान्य होगा जो आधार से जुड़ा होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि राशि सही लाभार्थी तक बिना किसी देरी या गड़बड़ी के पहुंचे।
UGC ने सभी छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि वे अपने संबंधित स्कॉलरशिप और फेलोशिप पोर्टल पर जाकर जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट करें। इसमें आधार नंबर को बैंक खाते से लिंक करना और सभी विवरणों का सत्यापन शामिल है।
आयोग ने यह भी कहा है कि जिन छात्रों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें जल्द से जल्द इसे पूरा करना चाहिए, ताकि भविष्य में भुगतान में किसी तरह की बाधा न आए।
इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्धारित समय सीमा भी तय की गई है। तय समय के भीतर आधार लिंकिंग और दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी होगा, जिसके बाद संस्थानों को भी डेटा की जांच और अनुमोदन करना होगा।
UGC का कहना है कि इस व्यवस्था से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी। वहीं, समय सीमा का पालन न करने पर छात्रवृत्ति या फेलोशिप भुगतान प्रभावित हो सकता है।



