ग्राहकों के लिए नई गाइडलाइन: सराफा व्यापारियों ने हेलमेट और बुर्का पहनकर आने पर लगाई रोक

रायपुर/नवापारा-राजिम: नवापारा-राजिम क्षेत्र में हाल में हुई लूट की बड़ी घटना के बाद प्रदेशभर के सराफा कारोबारियों में दहशत और नाराजगी का माहौल है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए सराफा व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर अब कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसोसिएशन की एक विशेष आपात बैठक आयोजित की गई, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। बैठक की अगुवाई प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने की, जिसमें राज्य के अलग-अलग जिलों से जुड़े पदाधिकारियों और व्यापारियों ने हिस्सा लिया।
पहचान छिपाकर आने वालों पर रोक
बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि अब प्रदेश की सराफा दुकानों में चेहरा ढककर आने वाले लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके तहत हेलमेट या बुर्का पहनकर दुकान में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। एसोसिएशन का मानना है कि इस कदम से दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में ग्राहकों की पहचान स्पष्ट हो सकेगी और अपराध करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
व्यापारियों से सतर्कता बढ़ाने की अपील
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने सभी सराफा व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस एवं एसोसिएशन को दें। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि सुरक्षित माहौल में ही कारोबार आगे बढ़ सकता है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
बैठक में यह भी मांग उठी कि नवापारा लूटकांड में शामिल अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और सराफा बाजारों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। व्यापारियों का कहना है कि जब तक सुरक्षा मजबूत नहीं होगी, तब तक व्यापार करना चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।
इस फैसले के बाद प्रदेशभर के सराफा बाजारों में सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।



