RO.NO. 01
देश

सिंधु और रावी: भारत के जल प्रबंधन से पाकिस्तान को नया झटका

नई दिल्ली/जम्मू। सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद भारत अब रावी नदी के अतिरिक्त पानी का प्रबंधन करके पाकिस्तान को नया झटका देने की तैयारी में है। केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन रावी नदी के भारत में हिस्से के अतिरिक्त पानी को पाकिस्तान जाने से रोकने के लिए शाहपुर कंडी बांध परियोजना को अंतिम चरण में पूरा कर रही हैं।

बांध परियोजना और स्थानीय लाभ

शाहपुर कंडी बांध लगभग पूरी होने के करीब है और परियोजना पूरी होने पर कठुआ और सांबा जैसे सूखाग्रस्त जिलों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राना ने बताया कि 31 मार्च तक परियोजना के कार्य पूर्ण होने की संभावना है। बांध के जरिए रावी नदी के अतिरिक्त जल को स्थानीय सिंचाई योजनाओं में लगाया जाएगा, जिससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में कृषि को मजबूती मिलेगी।

परियोजना का इतिहास और लागत

शाहपुर कंडी बांध की योजना 1979 में बनाई गई थी और 1982 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसकी आधारशिला रखी। निर्माण कार्य विवादों और देरी के कारण लंबित रहा, लेकिन 2008 में इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया गया। कुल लागत लगभग 3,394 करोड़ रुपये है, जिसमें पंजाब सरकार ने 2,694 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार ने 700 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

बांध की ऊंचाई 55 मीटर और लंबाई 7.7 किलोमीटर है। इसके पूरा होने पर पंजाब में लगभग 5,000 हेक्टेयर और जम्मू के कठुआ एवं सांबा जिलों में 32,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई संभव होगी।

जल संसाधनों पर भारत का अधिकार

पूर्व सिंचाई मंत्री ताज मोहिदीन ने कहा कि सिंधु जल संधि बांध के संचालन को नियंत्रित नहीं करती, क्योंकि रावी नदी के जल पर भारत का पूर्ण अधिकार है। इस परियोजना के माध्यम से न केवल स्थानीय कृषि को बल मिलेगा, बल्कि गर्मियों के दौरान पानी की कमी से निपटने में भी मदद मिलेगी।

शाहपुर कंडी बांध परियोजना को भारत-पाकिस्तान जल विवाद में रणनीतिक महत्व वाला कदम माना जा रहा है, साथ ही यह क्षेत्रीय विकास और सूखा प्रभावित इलाकों के किसानों के लिए भी वरदान साबित होगी।

Share this

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button