‘मोदी आर्काइव’ ने शेयर किया पुराना वीडियो, पीएम मोदी ने बताई सफलता की असली कुंजी

नई दिल्ली। अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की जयंती पर गुरुवार को देश-विदेश में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। ‘ग्रेट इमैनसिपेटर’ के रूप में प्रसिद्ध लिंकन को लोकतांत्रिक मूल्यों, दास प्रथा उन्मूलन और मानव समानता के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों के कारण विश्वभर में याद किया जाता है। साधारण पृष्ठभूमि से उठकर शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने की उनकी यात्रा आज भी प्रेरणा का स्रोत मानी जाती है।
इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ‘मोदी आर्काइव’ नामक हैंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने संबोधन का वीडियो साझा किया। यह वीडियो वर्ष 2006 का बताया जा रहा है, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और निरमा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित कर रहे थे।
वीडियो में उन्होंने अब्राहम लिंकन के जीवन का उल्लेख करते हुए युवाओं को संघर्ष से घबराने के बजाय उससे सीख लेने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि लिंकन ने अपने सार्वजनिक जीवन में कई बार असफलताओं का सामना किया—चुनाव हारे, व्यावसायिक कठिनाइयों से जूझे और आर्थिक चुनौतियों का सामना किया—लेकिन उन्होंने प्रयास करना नहीं छोड़ा।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी रेखांकित किया था कि सफलता केवल किसी बड़े पद तक पहुंचने का नाम नहीं है, बल्कि वह निरंतर प्रयास, धैर्य और आत्मविश्वास का परिणाम होती है। लिंकन के उदाहरण के माध्यम से उन्होंने युवाओं से आग्रह किया था कि वे असफलताओं को अवसर में बदलने की सोच विकसित करें।
सोशल मीडिया पर साझा किया गया यह पुराना वीडियो एक बार फिर चर्चा में है और इसे युवा पीढ़ी के लिए प्रेरक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। लिंकन की जयंती के बहाने साझा किया गया यह भाषण इस बात पर जोर देता है कि दृढ़ संकल्प और लगातार मेहनत से कठिन परिस्थितियों पर विजय पाई जा सकती है।



