तीन राज्यों में बसपा को मजबूत करने की कवायद, मायावती ने पदाधिकारियों के साथ की रणनीतिक बैठक

नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी संगठन को नई दिशा देने के संकेत दिए हैं। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब केवल चुनाव लड़ने के लिए मैदान में नहीं उतरेगी, बल्कि सत्ता हासिल करने के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत से चुनावी मुकाबले में भाग लेगी। इसी को लेकर हाल ही में मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ लंबी रणनीतिक बैठक की गई, जिसमें आगामी चुनावों के लिए नई कार्ययोजना तैयार की गई।
बैठक में पहले हुई अखिल भारतीय स्तर की बैठकों में दिए गए निर्देशों की भी समीक्षा की गई। पार्टी नेतृत्व ने इन तीन राज्यों में संगठन को मजबूत बनाने, आर्थिक संसाधनों को व्यवस्थित करने और जमीनी स्तर पर जनाधार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। मायावती ने कहा कि अगर पार्टी को मजबूत राजनीतिक ताकत बनना है तो कार्यकर्ताओं को मिशन की भावना के साथ काम करना होगा।
लखनऊ में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में मायावती ने कहा कि सामाजिक अन्याय और गरीब विरोधी नीतियों से मुक्ति पाने के लिए बहुजन समाज को सत्ता की बागडोर अपने हाथ में लेनी होगी। उन्होंने राज्य इकाइयों के नेताओं को निर्देश दिए कि वे बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करें और समाज के सभी वर्गों के बीच पार्टी की विचारधारा को मजबूत करें।
बैठक के दौरान मायावती भावुक भी नजर आईं। उन्होंने पार्टी के संस्थापक कांशीराम को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जिस बहुजन आंदोलन की नींव रखी थी, उसे आगे बढ़ाना ही उनका संकल्प है। मायावती ने कहा कि जहां-जहां बसपा मजबूत हुई है, वहां दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों को वास्तविक लाभ मिला है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि अंबेडकरवादी विचारधारा को आगे बढ़ाकर ही बहुजन समाज अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है। साथ ही उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को और सक्रिय बनाने का आह्वान किया।



