कार्रवाई की शुरुआत तड़के सुबह 5 बजे हुई, जब एसीबी की टीम ने समीर बिश्नोई के राजस्थान के अनूपगढ़ स्थित ससुराल में छापा मारा। बताया गया है कि एसीबी ने छापे की तैयारी के दौरान राजस्थान पुलिस से सहयोग लिया था। यह कार्रवाई कोयला घोटाले से जुड़े मामलों में हो रही है, जिसमें तीनों अधिकारी वर्तमान में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।

समीर बिश्नोई की पत्नी, प्रीति गोदारा, जिनकी मां जयपुर की महापौर रह चुकी हैं, का ससुराल भी एसीबी की कार्रवाई के दायरे में आया। इस छापे में राज्य पुलिस के अधिकारी भी शामिल थे, जो एसीबी की 19 विशेष टीमों के साथ मिलकर कार्रवाई में जुटे रहे। एसीबी द्वारा छापों में मिली जानकारी और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिससे इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के नेहरू नगर ईस्ट स्थित होटल व्यवसायी अनिल कुमार पाठक के आवास और होटल न्यू हैप्पी हॉर्स इन में आज सुबह एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीमों ने एक बड़ी कार्रवाई की। यह छापामार कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति की शिकायतों के आधार पर की गई, जिसमें 20 अधिकारियों की एक विशेष टीम शामिल थी।
कार्रवाई की शुरुआत नेहरू नगर ईस्ट स्थित अनिल कुमार पाठक के घर और होटल में हुई, जहां एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीमें चार वाहनों में पहुंचीं। दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की गई, जिसमें होटल और घर दोनों जगहों पर मौजूद महत्वपूर्ण कागजात और अन्य सामग्रियों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है।
इस छापे का संबंध बहुचर्चित कोल स्कैम से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई, रानू साहू और छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया पहले से ही शामिल हैं। ये तीनों अधिकारी पिछले डेढ़ साल से जेल में हैं। कोल स्कैम के सिलसिले में ईडी ने पहले इनके घरों पर छापा मारा था, जिसमें समीर विश्नोई के पास से 4 किलो सोना और 47 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी। रानू साहू और सौम्या चौरसिया के यहां भी लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिले थे, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बाद में ईडी ने इस मामले को छत्तीसगढ़ के एसीबी को सौंप दिया, जिसके बाद आज की कार्रवाई की गई।
यह छापामार कार्रवाई राज्य के बड़े अधिकारी और व्यवसायियों के बीच के संबंधों पर भी सवाल उठाती है, और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं।