Mahashivratri 2026: शिवरात्रि के दिन करें ये उपाय, नहीं होगी पैसों की परेशानी

Mahashivratri 2026 : भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष 15 जनवरी को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस विशेष दिन सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। तभी से फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाने की परंपरा चली आ रही है। यदि आप भी इस वर्ष भोलेनाथ की कृपा पाना चाहते हैं, तो उन्हें उनके प्रिय भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है।
भगवान शिव के प्रिय भोग
भांग और धतूरा
भगवान शिव को भांग और धतूरा अत्यंत प्रिय हैं। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान शिवजी ने विषपान किया था, जिससे उनके शरीर में उत्पन्न हुई गर्मी को शांत करने के लिए भांग और धतूरा का प्रयोग किया गया।
बेल फल और बेलपत्र
बेल का फल और बेलपत्र शिवजी को सबसे प्रिय माने जाते हैं। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर बेलपत्र और बेल फल अर्पित करना विशेष पुण्यदायी होता है।
हलवा और खीर
सूजी का हलवा और ड्राई फ्रूट्स से बनी खीर का भोग भी शिवजी को अर्पित किया जा सकता है। ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर कृपा बरसाते हैं।
पंचामृत
शिव पूजन में पंचामृत का विशेष महत्व है। दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करने से आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
मिष्ठान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर गाय के दूध से बनी सफेद मिठाइयों का भोग चढ़ाना शुभ होता है। इससे महादेव भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं।
ठंडाई
शिवरात्रि पर भांग वाली ठंडाई शिवलिंग पर अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। यह भगवान शिव का प्रिय पेय है। मान्यता है कि ठंडाई अर्पित करने से घर में धन-समृद्धि आती है।
मखाने की खीर
ज्योतिष शास्त्र में मखाने की खीर को भी श्रेष्ठ भोग बताया गया है। गाय के दूध से बनी मखाने की खीर शिवजी को अर्पित करने से अटके हुए कार्य पूर्ण होने लगते हैं और पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है।



