छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल विस्तार : तीन नए चेहरे शपथ लेने को तैयार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। देर रात तीन विधायकों को राजभवन से आधिकारिक आमंत्रण भेजा गया और आज सुबह 11 बजे वे मंत्री पद की शपथ लेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, जिन नामों की लगातार चर्चा हो रही थी, वही तीन चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे हैं –
- गुरु खुशवंत साहेब (आरंग विधायक)
- राजेश अग्रवाल (अंबिकापुर विधायक)
- गजेंद्र यादव (दुर्ग विधायक)
राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह के बाद तीनों नए मंत्रियों को दिल्ली बुलाया गया है। वहां भाजपा हाईकमान और केंद्रीय नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें विभागों के बंटवारे और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
तीनों नेताओं के पीछे राजनीतिक समीकरण
गुरु खुशवंत सिंह (आरंग विधायक)
गुरु खुशवंत सिंह सतनामी समाज के गुरु और भंडारपुरी गद्दी के उत्तराधिकारी हैं। 2018 में कांग्रेस को समर्थन देने वाले उनके पिता गुरु बालदास 2023 चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने खुशवंत सिंह को आरंग से टिकट दिया और उन्होंने पूर्व मंत्री शिव डहरिया को हराकर बड़ी जीत दर्ज की।
भाजपा संगठन मानता है कि खुशवंत सिंह को मंत्री बनाकर अनुसूचित जाति वर्ग, खासकर सतनामी समाज में पकड़ मजबूत की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि गुरु बालदास ने बेटे को मंत्री बनाने के लिए दिल्ली में कई बार पैरवी की थी।
राजेश अग्रवाल (अंबिकापुर विधायक)
अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे टी.एस. सिंहदेव को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया। सरगुजा संभाग की राजनीति में यह जीत भाजपा के लिए ऐतिहासिक रही।
अग्रवाल वैश्य समाज से आते हैं और बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद सरकार में वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व नहीं था। ऐसे में उनका मंत्री बनना राजनीतिक और सामाजिक संतुलन साधने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
गजेंद्र यादव (दुर्ग विधायक)
आरएसएस बैकग्राउंड वाले गजेंद्र यादव यादव समाज से आते हैं। राज्य में साहू समाज के बाद यादव समाज की सबसे बड़ी जनसंख्या है। आरएसएस की पैरवी और यादव समाज की मांग के बाद उनका मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा था।
राजनीतिक संदेश और रणनीति
साय सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार में साफ संदेश है कि भाजपा जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर ध्यान दे रही है। अनुसूचित जाति, वैश्य और यादव समाज को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा ने अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।
राजभवन और राज्यपाल की भूमिका
राज्यपाल रमेन डेका ने हाल ही में संकेत दिया था कि “कुछ तो होने वाला है।” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भी कहा था कि “राज्यपाल ने कह दिया है, तो कल कुछ बड़ा होगा।”
वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा था – “इंतजार की घड़ी पूरी हो रही है, बड़ा फैसला सामने आएगा।” अब तीन नए मंत्रियों की शपथ से इन बयानों पर मुहर लग गई है।
स्टेट गैरेज में तैयार हुईं नई गाड़ियां
तीनों नए मंत्रियों के लिए स्टेट गैरेज में तीन नई सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ियां तैयार की गई हैं।
गाड़ी नंबर CG 02 AF 0009 और CG 02 AV 0005 तैयार कर ली गई हैं।
तीसरी गाड़ी फिलहाल ट्रायल पर है, नंबर अभी सामने नहीं आया है।
संभागवार मंत्रियों की स्थिति (नए मंत्रियों के साथ)
सरगुजा संभाग – अब 5 मंत्री
बिलासपुर संभाग – 3 मंत्री
दुर्ग संभाग – अब 3 मंत्री
रायपुर संभाग – 1 मंत्री (+ अब आरंग से खुशवंत सिंह)
बस्तर संभाग – 1 मंत्री
पुराने वरिष्ठ विधायकों को नहीं मिला मौका
रमन सरकार में मंत्री रहे अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल, लता उसेंडी, विक्रम उसेंडी, पुन्नूलाल मोहिले और धरमलाल कौशिक जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम लगातार चर्चा में थे, लेकिन साय सरकार ने युवा और नए चेहरों पर भरोसा जताया है।