
भाटापारा। साल 2026 का पहला माह जनवरी भाटापारा क्षेत्र के लिए बेहद चिंता और दुखद घटनाओं से भरा रहा। पूरे माह अपराध, दुर्घटनाएं, लापरवाही और विरोधाभासी सरकारी गतिविधियां चर्चा का विषय बनी रहीं। जनवरी माह में भाटापारा में दो चाकूबाजी की गंभीर घटनाएं सामने आईं, वहीं अलग-अलग स्थानों से पांच चाकूबाजों की गिरफ्तारी ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। इसके अलावा एक वेयरहाउस में चना के बोरे में दबने से भाई-बहन की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
मजगांव रेलवे स्टेशन में सर कटा हुआ शव मिलने की सनसनीखेज घटना से दहशत फैल गई। वहीं एक पोहा मिल में मजदूरों को बंधक बनाकर मारपीट व चोरी की घटना ने औद्योगिक सुरक्षा की पोल खोल दी। सबसे भयावह हादसा रियल स्पाट स्टील प्लांट में डीएससी कोल से छह मजदूरों की मौत के रूप में सामने आया, जिसे प्रशासनिक और प्रबंधन की गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
इन दुखद घटनाओं के बीच जिला पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा के नाम पर मैच खेलकर लोगों को जोड़ने का प्रयास किया गया, जो कुछ लोगों को सकारात्मक पहल लगा तो कुछ ने इसे हालात से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया।
वहीं सबसे अधिक विरोधाभास तब देखने को मिला जब गांधीजी की पुण्यतिथि के दिन आबकारी विभाग द्वारा शराब दुकान का उद्घाटन किया गया, जिसे लेकर सामाजिक संगठनों और नागरिकों में भारी नाराज़गी देखी गई।कुल मिलाकर जनवरी 2026 भाटापारा के लिए दुख, दर्द, भय और लापरवाही का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसने प्रशासन, उद्योग और समाज—तीनों के सामने गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता खड़ी कर दी है।



