जांगला का पीएम आवास मॉडल बना मिसाल, असम में भी अपनाने की तैयारी

बीजापुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बीजापुर जिले की ग्राम पंचायत जांगला में तैयार की गई कालोनी अब दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण बनती नजर आ रही है। असम के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को जांगला पहुंचा और यहां विकसित आवास मॉडल को करीब से देखा। दल में ज्वाइंट कमिश्नर ध्रुब ज्योति नाथ, एसपीई रंजित दास और निलोत्पल मिश्रा शामिल थे। उनके साथ राज्य प्रधानमंत्री आवास योजना के उपायुक्त राजेंद्र पाण्डेय और महात्मा गांधी नरेगा के सहायक अभियंता सोमकांत साहू भी मौजूद रहे।
अतिथियों के पहुंचते ही गांव का माहौल उत्सव जैसा हो गया। सरपंच तुलसी कुरसम और उपसरपंच रामधर के नेतृत्व में स्व सहायता समूह की महिलाओं और राजमिस्त्री प्रशिक्षण ले रहे हितग्राहियों ने बस्तर की परंपरा के अनुसार गौर सिंग पहनाकर स्वागत किया। पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति ने मेहमानों का मन जीत लिया। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 120 मकानों की कालोनी का निरीक्षण किया। एक ही परिसर में व्यवस्थित तरीके से बनाए गए घर, साफ-सुथरी प्लानिंग और चरणबद्ध निर्माण को देखकर प्रतिनिधिमंडल ने संतोष जताया। अधिकारियों का कहना था कि इस तरह की कालोनी से लोगों को सिर्फ मकान ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन भी मिलता है। अभी अधिकांश घरों का फिनिशिंग काम अंतिम दौर में है।
निरीक्षण के दौरान निर्माण की गुणवत्ता, डिजाइन और इस्तेमाल की गई सामग्री को भी परखा गया। अधिकारियों ने माना कि लगातार निगरानी, तकनीकी मार्गदर्शन और समय पर काम पूरा करने की वजह से आवास मजबूत और सुरक्षित बन पाए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर ध्रुब ज्योति नाथ ने कहा कि जांगला का मॉडल बताता है कि सही योजना और ईमानदार अमल से सरकारी योजनाएं गांवों की तस्वीर बदल सकती हैं। उन्होंने संकेत दिए कि इस मॉडल को असम में भी लागू करने पर विचार किया जाएगा, क्योंकि कालोनी आधारित निर्माण से काम तेजी से होता है और गुणवत्ता भी बेहतर रहती है।
दौरे के दौरान टीम ने जनपद पंचायत भैरमगढ़ की ग्राम पंचायत सकनापल्ली में प्रोजेक्ट उन्नति के तहत आर-सेटी से राजमिस्त्री प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से भी मुलाकात की। प्रशिक्षुओं ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें रोजगार के नए मौके मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। अधिकारियों ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर कुशल मिस्त्री तैयार होना आवास निर्माण की गुणवत्ता के लिए अहम है।




