विधानसभा में उठा विज्ञापन भुगतान का मुद्दा, सुशांत शुक्ला ने सरकार से मांगा हिसाब

रायपुर, 10 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सरकारी विज्ञापनों के वितरण को लेकर सदन में चर्चा हुई। भाजपा विधायकों ने नेशनल हेराल्ड, संडे नवजीवन और नवसृजन मैगज़ीन को पिछले वर्षों में दिए गए विज्ञापनों की जानकारी मांगते हुए सरकार से जवाब तलब किया।
सदन में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच नेशनल हेराल्ड को कुल 4 करोड़ 24 लाख रुपये के विज्ञापन जारी किए गए। इनमें 2019-20 में 34 लाख, 2020-21 में 58 लाख, 2021-22 में 68 लाख, 2022-23 में 1 करोड़ 28 लाख और 2023-24 में 1 करोड़ 36 लाख रुपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में नेशनल हेराल्ड को कोई विज्ञापन राशि जारी नहीं की गई है।
इसी अवधि में संडे नवजीवन को लगभग 3 करोड़ 6 लाख रुपये के विज्ञापन दिए गए, जबकि नवसृजन मैगज़ीन को किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया।
भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने सदन में सवाल उठाते हुए पूछा कि इन विज्ञापनों का संचालन किस कार्यालय से किया जाता है और अब तक कुल कितनी राशि का भुगतान किया गया है। उन्होंने पूरक प्रश्न में यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार किसी राजनीतिक दल के मुखपत्र को विज्ञापन देने की अनुमति देती है और यदि ऐसा किया गया है तो उसके संबंध में क्या कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि विज्ञापन वर्ष 2019 की विज्ञापन नियमावली के तहत दिए गए हैं और प्रति पृष्ठ लगभग 8 लाख रुपये की दर से भुगतान किया गया।
इस दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी हस्तक्षेप करते हुए विज्ञापन नीति की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और इसकी जांच की मांग की।
सदन में इस मुद्दे को लेकर कुछ समय तक बहस चलती रही। विपक्षी विधायकों ने विज्ञापनों के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विधानसभा में यह मुद्दा फिर से चर्चा का विषय बन सकता है।



