ईरान के राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी, सरेंडर को किया खारिज

नई दिल्ली : मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों पर हमलों के सिलसिले में खेद जताया है और कहा कि तेहरान ऐसे घटनाक्रमों को रोकने के लिए कदम उठाएगा। राष्ट्रपति का यह बयान उस समय आया है जब हाल के दिनों में बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में हमलों की घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
गलतफहमी और जवाबी कार्रवाई
पेजेशकियन ने इन घटनाओं को “सैन्य स्तर पर हुई गलतफहमियों” का परिणाम बताया और स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करना चाहता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पड़ोसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया गया, तो तेहरान अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करेगा। रिपोर्टों के अनुसार हाल के दिनों में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के प्रयास किए। इसी दौरान दुबई एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में धमाकों की खबरों के कारण सुरक्षा चिंताओं में वृद्धि हुई।
अमेरिका को भी संदेश
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अमेरिकी प्रशासन द्वारा “बिना शर्त सरेंडर” की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा। इस बीच, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा था कि ईरान पूरी तरह झुकने के लिए तैयार नहीं हुआ तो कूटनीतिक बातचीत की संभावना नहीं है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और तीखी हो गई।
ईरान-इजराइल तनाव
साथ ही, ईरान और इजराइल के बीच भी हाल में तनाव बढ़ा। शनिवार को यरुशलम में कई तेज धमाके सुने गए, जिन्हें ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों से जोड़ा गया। स्थानीय आपातकालीन सेवाओं के अनुसार फिलहाल किसी हताहत की पुष्टि नहीं हुई।
मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते इन घटनाक्रमों से क्षेत्र में अस्थिरता और सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान तनाव और भू-राजनीतिक जटिलताएं बढ़ती रहीं, तो पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और कूटनीतिक चुनौतियां और अधिक गंभीर हो सकती हैं।



