RO.NO. 01
छत्तीसगढ़

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर: Indian Railways में प्लेटफॉर्म खाली होने पर भी आउटर पर रुकने की क्या है वजह?

Indian Railways:  अक्सर यात्री स्टेशन पर खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते हैं। अनाउंसमेंट हो चुका होता है, निर्धारित समय भी निकल जाता है, लेकिन ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आने के बजाय स्टेशन से पहले आउटर सिग्नल पर खड़ी रहती है। पूछताछ काउंटर पर जवाब मिलता है—“ट्रेन आउटर पर है।ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि जब प्लेटफॉर्म खाली दिखाई दे रहा है, तो ट्रेन अंदर क्यों नहीं आ रही?

दरअसल, इसके पीछे लापरवाही नहीं बल्कि सुव्यवस्थित संचालन प्रक्रिया होती है, जिसे Indian Railways बेहद सख्ती से लागू करता है।

क्या होता है आउटर सिग्नल?

स्टेशन से कुछ दूरी पहले लगा सिग्नल आउटरकहलाता है। यह एक तरह का अनुमति बिंदु होता है। जब तक स्टेशन मास्टर या कंट्रोल सिस्टम की ओर से आगे बढ़ने का सिग्नल नहीं मिलता, ट्रेन को यहीं रुकना पड़ता है। यह रेलवे की सुरक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है।

प्लेटफॉर्म पहले से तय क्यों होता है?

रेलवे नेटवर्क में अधिकांश ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म पहले से निर्धारित रहते हैं। यह तय होता है ट्रेन के रूट, टाइम टेबल, आगे की लाइन की उपलब्धता और स्टेशन की ऑपरेटिंग प्लानिंग के आधार पर।
अगर निर्धारित प्लेटफॉर्म पर कोई दूसरी ट्रेन खड़ी हो, सफाई चल रही हो या वह ट्रेन देरी से पहुंची हो, तो अगली ट्रेन को आउटर पर इंतजार करना पड़ता हैभले ही दूसरे प्लेटफॉर्म खाली क्यों न दिख रहे हों।

खाली प्लेटफॉर्म होने पर भी दिक्कत क्यों?

1. ट्रैक कनेक्टिविटी की बाधा
हर प्लेटफॉर्म हर दिशा से आने वाली लाइन से नहीं जुड़ा होता। जिस ट्रैक से ट्रेन आ रही है, संभव है वह केवल एक विशेष प्लेटफॉर्म तक ही जाता हो।

2. सिग्नल और पॉइंट्स की सेटिंग
प्लेटफॉर्म बदलना सिर्फ घोषणा भर नहीं है। इसके लिए ट्रैक के पॉइंट्स बदलने, रूट री-सेट करने और सिग्नल क्लियर करने की प्रक्रिया होती है। यह सब पूरी सुरक्षा जांच के बाद ही किया जाता है।

3. स्टेशन संचालन का तालमेल
एक बड़े स्टेशन पर एक साथ कई गतिविधियां चलती हैंदूसरी ट्रेनों का आगमन-प्रस्थान, शंटिंग, मालगाड़ियों की मूवमेंट और क्रॉसिंग। अचानक प्लेटफॉर्म बदलने से पूरा शेड्यूल प्रभावित हो सकता है।

सुरक्षा सर्वोपरि

यात्रियों को भले ही यह असुविधाजनक लगे, लेकिन रेलवे के लिए प्राथमिकता सुरक्षा और सुचारू संचालन है। नेटवर्क इतना विशाल है कि छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। इसलिए जो प्लेटफॉर्म यात्रियों को खाली दिखता है, वह संचालन की दृष्टि से उस समय उपलब्ध नहीं भी हो सकता।

अगली बार जब आपकी ट्रेन आउटर पर रुकी हो, तो समझिए कि यह इंतजार आपकी सुरक्षा के लिए है, न कि किसी लापरवाही का परिणाम।

Share this

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button