सरेंडर का ऐतिहासिक पल: 47 लाख के इनामी 9 नक्सली छत्तीसगढ़ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण, महिला नक्सलियों की संख्या 7

धमतरी। छत्तीसगढ़ पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। धमतरी जिले में शुक्रवार को कुल इनामी 47 लाख रुपये वाले नौ नक्सलियों ने हथियार डालकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन नौ नक्सलियों में सात महिलाएं भी शामिल हैं। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने इस जानकारी की पुष्टि की।
ओडिशा-धमतरी बॉर्डर पर सक्रिय थे नक्सली
आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि ये सभी नक्सली ओडिशा माओवादी कमेटी के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के सक्रिय सदस्य थे। ये नक्सली नगरी और सीतानदी एरिया कमेटियों के साथ-साथ मैनपुर लोकल गुरिल्ला स्क्वाड में भी शामिल थे। पुलिस के लगातार चल रहे अभियान और दबाव के चलते ये नक्सली बैकफुट पर आ गए थे।
पुलिस के सामने खोली अपनी निराशा
सरेंडर करने वालों ने पुलिस को बताया कि माओवादी संगठन की खोखली विचारधारा और जंगलों में कठिन जीवन जीने की चुनौती से वे तंग आ चुके थे। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
इनामी नक्सलियों की सूची
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में बड़े ओहदेदार भी शामिल हैं।
- ज्योति उर्फ जैनी (28) – सीतानदी एरिया कमेटी की सचिव, इनाम ₹8 लाख
- उषा उर्फ बालम्मा (45) – डिविजनल कमेटी मेंबर, इनाम ₹8 लाख
- रामदास मरकाम (30), रोनी उर्फ उमा (25), निरंजन उर्फ पोडिया (25), सिंधु उर्फ सोमादी (25), रीना उर्फ चिरो (25), अमिला उर्फ सन्नी (25) – प्रत्येक पर ₹5 लाख का इनाम
- लक्ष्मी पुनेम (18) – इनाम ₹1 लाख
पुलिस ने सभी नक्सलियों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस की संतुष्टि और जनता के लिए संदेश
रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि यह आत्मसमर्पण नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि नक्सली गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध सूचना की तुरंत पुलिस को जानकारी दें।



