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छत्तीसगढ़

राज्यपाल रमेन डेका ने ग्राम बेहराखार जाकर विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदायों से की आत्मीय मुलाकात

जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने शनिवार को जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड स्थित बेहराखार ग्राम का दौरा कर विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लोगों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने समुदाय के रहन-सहन और जीवनशैली को नजदीक से समझा तथा उनसे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।

राज्यपाल ने बिरहोर समुदाय के लोगों से चर्चा करते हुए विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों तक सभी शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

उन्होंने समुदाय के लोगों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की। साथ ही स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए कहा कि बीमारी की स्थिति में अस्पताल या स्वास्थ्य शिविरों में समय पर उपचार कराना चाहिए। राज्यपाल ने अधिकारियों को बिरहोर समुदाय को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।

राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिए संचालित पीएम जनमन योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं तथा बच्चों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के लिए घर में पढ़ाई का अलग कोना बनाने की सलाह भी दी, ताकि पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिरहोर समुदाय द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों का वैल्यू एडिशन किया जाए, जिससे उन्हें बाजार में बेहतर कीमत मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान बिरहोर समुदाय के प्रतिनिधि गुरुबारु ने राज्यपाल को बताया कि क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ मिलने और पद्मश्री जागेश्वर यादव के सहयोग की सराहना भी की।

समारोह में बिरहोर समुदाय के लोगों ने राज्यपाल का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए उन्हें केंद फूल, लाटा और स्वयं निर्मित रस्सी भेंट की। राज्यपाल ने भी समुदाय के लोगों को साल भेंट कर सम्मानित किया तथा उपयोगी सामग्री के रूप में टॉर्च प्रदान की। साथ ही उन्होंने पद्मश्री जागेश्वर यादव को राजकीय गमछा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

पद्मश्री जागेश्वर यादव ने बताया अपना संघर्ष
पद्मश्री जागेश्वर यादव ने राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बिरहोर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के अपने लंबे संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1980 से इस विशेष पिछड़ी जनजाति के बीच रहकर काम कर रहे हैं। उस समय बिरहोर समुदाय के लोग घने जंगलों में रहते थे और जंगल से प्राप्त फलों पर निर्भर रहते थे। लगातार प्रयास, जागरूकता और शासन-प्रशासन के सहयोग से आज उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है और वे धीरे-धीरे मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

बेहराखार में 22 बिरहोर परिवारों का हो रहा समग्र विकास
कलेक्टर रोहित व्यास ने राज्यपाल को जानकारी दी कि ग्राम बेहराखार में बिरहोर समुदाय के 22 परिवार निवास करते हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 85 है। इनमें से 73 लोगों के आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी परिवारों की सिकल सेल स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है और सभी को राशन कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं।

इसके अलावा 19 परिवारों के जॉब कार्ड बनाए गए हैं तथा कुछ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन मिल चुका है, जबकि शेष को लाभ देने की प्रक्रिया जारी है। महतारी वंदन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ भी समुदाय को दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा बिरहोर परिवारों के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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Kailash Jaiswal

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