48 लाख की क्षतिपूर्ति नहीं चुकाने पर पुलिस का कैदी वाहन कुर्क, न्यायालय के आदेश से मचा हड़कंप

बलरामपुर/रामानुजगंज। बलरामपुर जिले से एक अहम मामला सामने आया है, जहां मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा पारित क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर न्यायालय ने पुलिस के कैदियों के परिवहन में उपयोग होने वाले वाहन (डग्गा वाहन) को कुर्क कर जप्त करने का आदेश दिया। न्यायालय की इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) द्वारा पारित आदेश के तहत छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग को ब्याज सहित करीब 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करना था। लंबे समय तक राशि जमा नहीं किए जाने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ के आदेश के अनुपालन में कैदियों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले पुलिस के डग्गा वाहन को कुर्क कर न्यायालय परिसर में जप्त कर खड़ा कराया गया।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के आदेश का पालन नहीं होने के कारण की गई है। न्यायालय के इस कदम के बाद पुलिस विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है।
फिलहाल, शासन द्वारा क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किए जाने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी। यह मामला रामानुजगंज जिला एवं सत्र न्यायालय से जुड़ा हुआ है।



