
भाटापारा। आज दिनांक 27 जनवरी 2026 को प्रातः 11:30 बजे पुलिस कार्यालय सभा कक्ष, बलौदाबाजार में पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में पुलिस विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, किशोर न्याय बोर्ड एवं बालक कल्याण समिति के मध्य एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में हिरासत में लिए गए विधि से संघर्षरत बालकों से संबंधित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित अधिकारियों एवं सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किशोर बालकों के अपराध में संलिप्त होने का प्रमुख कारण नशे की लत है। नशे की अवस्था में किशोर बालक आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे देते हैं और बाद में उन्हें अपने कृत्य का पूर्ण ज्ञान नहीं रहता।
इस पर सभी सदस्यों ने किशोर बालकों को नशे की गिरफ्त से दूर रखने, नशा करते पाए जाने पर उनकी समुचित काउंसलिंग करने तथा भाटापारा शहर में विशेष रूप से किशोरों के लिए नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कहा कि किशोर बालकों पर सबसे अधिक नियंत्रण उनके माता-पिता का होता है। यदि अभिभावक बच्चों से नियमित संवाद करें, उनकी गतिविधियों पर निगाह रखें और समय-समय पर सही-गलत की समझ दें, तो किशोर बालक नशे के चंगुल में फंसने से बच सकते हैं।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जिले के समस्त स्कूलों में माता-पिता एवं बच्चों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूल से अधिक समय तक अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान देने और हाल के दिनों में स्कूलों में हुई चाकूबाजी की घटनाओं को देखते हुए विद्यालय परिसरों में सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
समन्वय बैठक में जिला महिला एवं बाल विकास विभाग से प्रकाश दास, बालक कल्याण समिति से सोनल केसरवानी, विजय दिवाकर (नोडल), वीना वर्मा (अध्यक्ष), आईसीपीएस से मेघा वर्मा, किशोर न्याय बोर्ड से प्रवीण अग्रवाल, पुलिस विभाग से हेमसागर सिदार (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भाटापारा), अपूर्वा क्षत्रिय (एसडीओपी बलौदाबाजार), तारेश साहू (एसडीओपी भाटापारा), कौशल किशोर वासनिक (उप पुलिस अधीक्षक, कैंप कसडोल), प्रेमलाल साहू (उप पुलिस अधीक्षक) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




