ईरान को चीन का ‘सुरक्षा कवच’? सीक्रेट रिपोर्ट से अमेरिका-इजरायल में चिंता

वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाई तथा उसके जवाब में ईरान के हमलों के बीच यह टकराव अब करीब तीन हफ्तों के करीब पहुंच चुका है। इस बीच अमेरिका की एक संसदीय संस्था की रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन कथित तौर पर ईरान को ऐसी तकनीकी और सैन्य सहायता दे रहा है, जिससे क्षेत्र में उसकी क्षमता और बढ़ सकती है।
अमेरिकी कांग्रेस से जुड़े आयोग U.S.-China Economic and Security Review Commission ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि चीन और ईरान के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ समय में तेज हुआ है। आयोग के मुताबिक, कुछ मामलों में ड्रोन तकनीक, मिसाइल से जुड़े रसायन और नेविगेशन सिस्टम जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बात सामने आई है।
मिसाइल सौदे की चर्चा भी आई सामने
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि वर्ष 2026 की शुरुआत में दोनों देशों के बीच एंटी-शिप क्रूज मिसाइल से जुड़ा एक संभावित सौदा चर्चा में था। हालांकि, डिलीवरी और शर्तों को लेकर अंतिम सहमति नहीं बन पाने के कारण यह समझौता आगे नहीं बढ़ पाया।
रॉकेट ईंधन से जुड़ा रसायन भी चर्चा में
आयोग के दस्तावेज़ों के अनुसार, चीन के एक बंदरगाह से ईरान की ओर ऐसे रसायन की खेप भेजे जाने की बात कही गई है, जिसका उपयोग ठोस रॉकेट ईंधन बनाने में किया जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इससे पहले भी इसी तरह की आपूर्ति किए जाने की आशंका जताई गई थी।
सैटेलाइट नेविगेशन तक पहुंच का आरोप
रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण दावा यह किया गया है कि चीन के नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम तक ईरान को कुछ स्तर की पहुंच दी गई हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे सिस्टम की मदद से ड्रोन और मिसाइलों की सटीकता बढ़ सकती है।
हालांकि, इन दावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और कई विश्लेषकों का मानना है कि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
मिडिल ईस्ट में पहले से ही तनावपूर्ण हालात के बीच यह रिपोर्ट सामने आने से वैश्विक रणनीतिक समीकरणों पर नई बहस शुरू हो गई है।



