RO.NO. 01
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा होगी पेपरलेस, विधायकों की टेबल पर लगेंगे टैबलेट

Ro no 03

रायपुर, 21 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के कामकाज को आधुनिक और डिजिटल बनाने की तैयारी तेज हो गई है। आगामी बजट सत्र से पहले विधानसभा को पेपरलेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में विधायकों की मेजों पर टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा, विधानसभा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मोबाइल एप के माध्यम से भी उपलब्ध कराने की तैयारी है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की पहल पर शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य कागज की खपत कम करना और सदन की कार्यवाही को अधिक सुविधाजनक बनाना है। विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के अनुसार, डिजिटलीकरण का काम अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

टैबलेट पर मिलेगी सदन की पूरी जानकारी

योजना के तहत प्रत्येक विधायक को टैबलेट या डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके माध्यम से विधायक सदन की दैनिक कार्यसूची, तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के उत्तर, बजट भाषण तथा अन्य विधायी दस्तावेज देख सकेंगे। इससे सदन की कार्यवाही के दौरान आवश्यक जानकारियां आसानी से उपलब्ध होंगी और कागजी दस्तावेजों की छपाई एवं वितरण पर निर्भरता कम होगी।

NeVA के जरिए होगा डिजिटलीकरण

विधानसभा की डिजिटल व्यवस्था को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) से संबंधित प्रस्ताव भेजा जा चुका है। तकनीकी व्यवस्था तैयार करने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (CHiPS) को सौंपी गई है। इसके अंतर्गत डिजिटल उपकरणों की स्थापना, सॉफ्टवेयर की व्यवस्था, तकनीकी परीक्षण और संबंधित लोगों को प्रशिक्षण देने जैसे कार्य किए जाएंगे।

मोबाइल एप पर भी मिलेगी जानकारी

विधानसभा के आधिकारिक मोबाइल एप को अपडेट करने की भी योजना है। इसके माध्यम से आम नागरिकों को सदन की कार्यसूची, प्रश्नोत्तर, बजट भाषण और कार्यवाही से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और विधानसभा की गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोगों को भी जानकारी प्राप्त करने में सुविधा मिल सकती है।

324 करोड़ रुपये की लागत से बना नया भवन

नवा रायपुर के सेक्टर-19 में करीब 324 करोड़ रुपये की लागत से नए विधानसभा भवन का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2025 को इसका उद्घाटन किया था। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस भवन में सौर ऊर्जा और वर्षा जल संचयन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया गया है।

कागज और खर्च में कमी आने की उम्मीद

विधानसभा के प्रत्येक सत्र में प्रश्नोत्तर, कार्यसूची, विधेयकों और अन्य संसदीय दस्तावेजों की बड़ी मात्रा में छपाई होती है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से कागज, मुद्रण और वितरण पर होने वाले खर्च में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, पुराने दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर आसानी से देखने में भी मदद मिलेगी।

विधानसभा सचिवालय का लक्ष्य आगामी बजट सत्र से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी करना है। हालांकि, योजना का समय पर क्रियान्वयन तकनीकी व्यवस्थाओं, सॉफ्टवेयर परीक्षण और प्रशिक्षण सहित सभी जरूरी प्रक्रियाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगा। व्यवस्था लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा के कामकाज में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ने की संभावना है।

Share this

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button