राजधानी को मिली नई रफ्तार, 200 इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा ट्रांसपोर्ट सिस्टम

नई दिल्ली: रेखा गुप्ता ने राजधानी में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम ईस्ट विनोद नगर स्थित डीटीसी डिपो में आयोजित किया गया, जहां एक साथ कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत भी की गई।
इस मौके पर दिल्ली-रोहतक अंतरराज्यीय ई-बस सेवा का शुभारंभ, मदनपुर खादर में नए बस टर्मिनल का उद्घाटन और डिपो में आधुनिक प्रशासनिक भवन का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से आगे बढ़ा रही है और आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बेहतर कनेक्टिविटी, स्वच्छ वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि नई बसों में विशेष रूप से छोटी ‘देवी बसें’ भी शामिल हैं, जो संकरी गलियों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों को सुविधा देंगी।
दिल्ली-रोहतक ई-बस सेवा शुरू होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। यह सेवा कश्मीरी गेट और पीरागढ़ी से टिकरी बॉर्डर होते हुए बहादुरगढ़ और रोहतक तक संचालित की जाएगी। इसके अलावा मदनपुर खादर में बने नए टर्मिनल से यात्रियों को बेहतर और व्यवस्थित सुविधाएं मिलेंगी, जहां पार्किंग, शेड, टॉयलेट और दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
ईस्ट विनोद नगर डिपो में बने नए प्रशासनिक भवन में कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें बायोमेट्रिक सिस्टम, स्वास्थ्य जांच व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं, जिससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
सरकार के अनुसार, इन 200 नई बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली में कुल बसों की संख्या 6300 से अधिक हो गई है, जिनमें 4500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें हैं। राजधानी अब देश में सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा रखने वाला शहर बन चुकी है। आने वाले वर्षों में इस संख्या को और बढ़ाकर करीब 14,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
नई ई-बसों में सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजनों के अनुकूल सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में ई-वाहनों के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। इसी दिशा में ओखला में ईवी वेस्ट डिस्पोजल प्लांट स्थापित करने की योजना है, ताकि बैटरियों का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके।
सरकार का कहना है कि इन सभी पहलों का उद्देश्य दिल्ली को स्वच्छ, हरित और आधुनिक परिवहन प्रणाली वाला शहर बनाना है, जिससे प्रदूषण में कमी आए और लोगों को बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सके।



