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सिर्फ डिजाइन नहीं है गैस सिलेंडर के नीचे के छेद, आपकी सुरक्षा से है सीधा संबंध

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नई दिल्ली: देशभर के अधिकांश घरों में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। चाय बनाने से लेकर भोजन पकाने तक हर काम में इसका उपयोग होता है, लेकिन बहुत कम लोग इसकी बनावट से जुड़ी अहम जानकारियों पर ध्यान देते हैं। सिलेंडर के निचले हिस्से में बनी धातु की रिंग में दिए गए छोटे-छोटे छेद सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होते, बल्कि ये सीधे तौर पर आपकी सुरक्षा से जुड़े होते हैं।

हवा के प्रवाह से नियंत्रित रहता है दबाव
एलपीजी गैस तापमान में बदलाव के प्रति बेहद संवेदनशील होती है। सिलेंडर के नीचे दिए गए छेद हवा के निरंतर प्रवाह को संभव बनाते हैं, जिससे गैस सिलेंडर के आसपास जमा होने वाली गर्मी बाहर निकलती रहती है। इससे अंदर का दबाव संतुलित बना रहता है और ओवरहीटिंग जैसी स्थिति से बचाव होता है। अगर ये छेद न हों, तो गर्मी फंस सकती है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है।

नमी से बचाव और मजबूती बनाए रखने में मददगार
अक्सर रसोई के फर्श पर पानी या नमी बनी रहती है। ऐसी स्थिति में यदि सिलेंडर के नीचे हवा का रास्ता न हो, तो वहां जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है। निचले हिस्से में बने छेद नमी को सूखने में मदद करते हैं और सिलेंडर को धोते समय पानी को बाहर निकलने का रास्ता देते हैं। इससे सिलेंडर लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बना रहता है और गैस रिसाव का खतरा कम होता है।

रंग भी निभाता है चेतावनी की भूमिका
घरेलू एलपीजी सिलेंडर का लाल रंग भी महज संयोग नहीं है। लाल रंग दूर से ही नजर आ जाता है और खतरे का संकेत देता है। चूंकि एलपीजी अत्यधिक ज्वलनशील होती है, इसलिए लाल रंग लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने का संदेश देता है।

कुल मिलाकर, गैस सिलेंडर की हर छोटी बनावट के पीछे सुरक्षा का बड़ा कारण छिपा होता है। इन बातों को जानकर न सिर्फ हम अधिक सजग बनते हैं, बल्कि अपने घर और परिवार को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलती है।

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Kailash Jaiswal

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