एलपीजी से लेकर उर्वरक तक सप्लाई पर मंथन: जीओएम की तीसरी बैठक में समीक्षा

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रहे भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था पर सतर्क निगरानी बढ़ा दी है। इसी कड़ी में बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह (जीओएम) की तीसरी बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय परिस्थितियों और उनके भारत पर संभावित असर की समीक्षा की गई।
बैठक में कई अहम मंत्रालयों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर फोकस
बैठक के दौरान सरकार की प्राथमिकता रसोई गैस (एलपीजी), पेट्रोल, डीजल और किसानों के लिए उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने पर रही। रक्षा मंत्री ने कहा कि इन जरूरी संसाधनों की सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति का असर आम लोगों तक न पहुंचे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लेने की तैयारी है।
पहले भी हो चुकी है समीक्षा
इससे पहले 2 अप्रैल को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में इसी समूह की दूसरी बैठक हुई थी। उस बैठक में भी पश्चिम एशिया की स्थिति का आकलन करते हुए ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता पर संभावित प्रभावों को लेकर रणनीति बनाई गई थी।
विमानन ईंधन पर राहत
बैठक में घरेलू उड़ानों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में मासिक बढ़ोतरी को सीमित करने के फैसले का भी उल्लेख किया गया। सरकार ने तय किया है कि एटीएफ की कीमतों में एक महीने में अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही वृद्धि की जा सकेगी। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है, जिससे हवाई किराए में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकने में मदद मिलेगी।
एलपीजी सप्लाई सामान्य
बैठक में बताया गया कि देशभर में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और वितरकों की ओर से किसी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाओं के कारण अस्थायी चिंता पैदा हुई थी। इन मामलों में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी कर कार्रवाई की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले वितरकों पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं।
छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता पर जोर
सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि प्रवासी श्रमिकों और कम खपत वाले परिवारों के लिए 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। जिन राज्यों में मांग अधिक है, वहां विशेष रूप से आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि वैश्विक हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।



