LPG को लेकर बड़ी अपडेट: पेट्रोलियम मंत्रालय ने जारी किए नए आंकड़े

नई दिल्ली: देश में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है। मंत्रालय के अनुसार 4 अप्रैल को देशभर में 51 लाख से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए।
मंत्रालय ने बताया कि गैस बुकिंग की प्रक्रिया तेजी से डिजिटल हो रही है। अब करीब 95 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यम से ही एलपीजी सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और तेज हुई है। साथ ही सिलेंडर की सही डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली का उपयोग भी तेजी से बढ़ा है और इसकी हिस्सेदारी लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
आंकड़ों के मुताबिक छोटे आकार के 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों की मांग भी बढ़ी है। सिर्फ एक दिन में करीब 90 हजार छोटे सिलेंडर बेचे गए, जबकि 23 मार्च से अब तक लगभग 6.6 लाख छोटे सिलेंडर उपभोक्ताओं को दिए जा चुके हैं। मंत्रालय ने कहा कि ये सिलेंडर वितरकों के पास उपलब्ध हैं और वैध पहचान पत्र दिखाकर आसानी से खरीदे जा सकते हैं।
सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है। मार्च से अब तक करीब 3.9 लाख नए पीएनजी पंजीकरण दर्ज किए गए हैं और 3.6 लाख से अधिक घरों तक गैस आपूर्ति शुरू कर दी गई है। राज्यों को घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेज करने की सलाह भी दी गई है।
मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है। घरेलू मांग को देखते हुए रिफाइनरियों में एलपीजी का उत्पादन भी बढ़ाया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।



