मिलरों को बड़ी राहत: उसना मिलिंग प्रोत्साहन 40 रुपये, बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क घटा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 31 दिसंबर 2025 को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के राइस मिलरों के हित में कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों से मिलिंग उद्योग को सीधी राहत मिलेगी और धान उपार्जन से जुड़ी प्रक्रियाएं अधिक सुगम होंगी।
कैबिनेट ने उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल करने का बड़ा फैसला लिया है। साथ ही, सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह के स्थान पर केवल 02 माह की मिलिंग अनिवार्य होगी। इससे छोटे और मध्यम मिलरों को भी लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा, मंत्रिपरिषद ने कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों में राइस मिलरों द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क 0.25 प्रतिशत से घटाकर मात्र 0.05 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। यह कदम मिलरों पर वित्तीय बोझ कम करेगा और कार्यशील पूंजी की बचत सुनिश्चित करेगा।
कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन, लघु वनोपज संघ को ब्याज मुक्त ऋण, तेंदूपत्ता खरीदी, ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट सहित कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
सरकार के इन फैसलों से मिलिंग उद्योग को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार सृजन को नई गति मिलने की उम्मीद है।



