खरतोरा सोसायटी में धान घोटाले का बड़ा खुलासा, बिना डीओ 220 कट्टा धान बेचने की तैयारी—ग्रामीणों ने पकड़ी गड़बड़ी

बलौदाबाजार-भाटापारा: जिले के खरतोरा क्षेत्र स्थित सहकारी समिति में धान की हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सतर्कता ने उस वक्त पूरे सिस्टम की पोल खोल दी, जब सोसायटी परिसर के सामने धान से लदी एक पिकअप संदिग्ध हालात में खड़ी मिली। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि बिना डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) के ही 220 कट्टा धान को राइस मिल में बेचने की तैयारी की जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, प्रभारी सोसायटी प्रबंधक अशोक भारद्वाज के निर्देश पर धान लोड कराया जा रहा था। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए 81 कट्टा धान से भरी पिकअप को जब्त कर लिया। एसडीएम दीपक निकुंज के निर्देश पर जब्त धान और वाहन को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है।
पूछताछ में पिकअप चालक संतराम साहू ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसे कुल 220 कट्टा धान एक निजी राइस मिल तक पहुंचाने के लिए कहा गया था। उसके वाहन में आधा धान लोड था, जबकि शेष धान दूसरी गाड़ी में लोड किया जाना था। इस खुलासे के बाद बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर बिना वैध दस्तावेजों के इतना बड़ा स्टॉक बाहर कैसे भेजा जा रहा था।
फूड इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया है कि बिना डीओ धान का परिवहन पूरी तरह अवैध है। मौके पर पंचनामा तैयार कर जब्ती की कार्रवाई की गई।
उठ रहे बड़े सवाल:
- क्या यह सिर्फ एक दिन की गड़बड़ी है या लंबे समय से चल रहा संगठित खेल?
- क्या समिति प्रबंधन की मिलीभगत से सरकारी धान की हेराफेरी हो रही थी?
- निगरानी तंत्र आखिर अब तक निष्क्रिय क्यों रहा?
इस सनसनीखेज मामले के बाद सहकारी समिति की कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
प्रशासन ने पूरे मामले में विस्तृत जांच के संकेत दिए हैं। यदि मिलीभगत या लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।





