फिल्म ‘धुरंधर’ की शूटिंग के लिए बैंकॉक में तैयार हुआ पाकिस्तान के ल्यारी का भव्य सेट

Dhurandhar : बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई और सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा के बीच फिल्म ‘धुरंधर’ लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। दमदार कहानी और किरदारों की तारीफ के साथ-साथ फिल्म की भव्य लोकेशन भी दर्शकों का ध्यान खींच रही है। खास बात यह है कि फिल्म में दिखाया गया पाकिस्तान के कराची का मशहूर ल्यारी इलाका असल में कहीं और नहीं, बल्कि बैंकॉक में तैयार किया गया था।
फिल्म के निर्माताओं ने असली लोकेशन पर शूटिंग करने के बजाय पूरा ल्यारी टाउन एक विशाल सेट के रूप में खड़ा किया, जिसमें उर्दू साइन बोर्ड, पुरानी कारें, संकरी गलियां और वहां की स्थानीय संस्कृति को बारीकी से उकेरा गया। पर्दे पर जो कुछ भी दिखता है, वह दर्शकों को पूरी तरह पाकिस्तान के माहौल में ले जाने में कामयाब रहता है।
6 एकड़ में खड़ा हुआ ल्यारी, दिन-रात चली मेहनत
फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बैंकॉक में करीब 6 एकड़ जमीन पर ल्यारी का सेट तैयार किया गया, जिसे बनाने में लगभग 20 दिन लगे। इस दौरान थाईलैंड के स्थानीय कारीगरों और टेक्नीशियनों ने दिन-रात काम किया। हर गली, हर दुकान और हर दीवार को असली लुक देने के लिए खास रिसर्च और डिजाइनिंग की गई।
सेट निर्माण में रोजाना करीब 500 लोगों की टीम जुटी रहती थी। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय थाई वर्कर्स शामिल थे, जिन्होंने भारतीय क्रू के साथ मिलकर इस चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया।
मुंबई नहीं, थाईलैंड क्यों बना शूटिंग का ठिकाना
सूत्रों के अनुसार, फिल्म की कहानी और कलाकारों की संख्या को देखते हुए मुंबई में इतना बड़ा सेट बनाना संभव नहीं था। इसके अलावा शूटिंग का समय मानसून का था, जिससे आउटडोर शूटिंग जोखिम भरी हो जाती। ऐसे में कई देशों में लोकेशन की तलाश के बाद थाईलैंड को अंतिम रूप से चुना गया, जहां मौसम, जगह और संसाधन सभी अनुकूल साबित हुए।
बॉक्स ऑफिस पर भी ‘धुरंधर’ का दबदबा
सेट की भव्यता और कहानी की पकड़ का असर बॉक्स ऑफिस पर साफ नजर आ रहा है। फिल्म ने अब तक 411 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है और हिंदी सिनेमा में सबसे तेज कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में शामिल हो चुकी है। 12वें दिन भी फिल्म ने शानदार कारोबार करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया।
दर्शकों के बीच ‘धुरंधर’ का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और यही वजह है कि फिल्म सिर्फ कहानी ही नहीं, बल्कि अपने विजुअल स्केल और मेकिंग के लिए भी याद की जा रही है।



