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कर्ज चुकाने में न करें गलती! पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड में पहले किसे दें प्राथमिकता?

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नई दिल्ली। आज के समय में पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आम हो गया है। लेकिन जब दोनों का कर्ज एक साथ चुकाना हो, तो लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है। मान लीजिए आपके ऊपर 2 लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड बकाया है और 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन भी चल रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि पहले किस कर्ज को खत्म करना चाहिए।

वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, कर्ज चुकाने का फैसला सिर्फ बकाया रकम देखकर नहीं करना चाहिए। इसके लिए ब्याज दर, भुगतान की शर्तों और अपनी आर्थिक स्थिति को समझना जरूरी है। आमतौर पर क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर ज्यादा होने के कारण उसका बकाया पहले चुकाना फायदेमंद हो सकता है।

क्रेडिट कार्ड पर लगता है ज्यादा ब्याज

पर्सनल लोन पर आमतौर पर सालाना 12 से 18 प्रतिशत तक ब्याज लग सकता है, जबकि क्रेडिट कार्ड के बकाया पर यह दर 36 से 42 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। वास्तविक दर बैंक और कार्ड की शर्तों पर निर्भर करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड का बकाया लंबे समय तक रखने पर ब्याज का बोझ तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए अगर आपके पास अतिरिक्त पैसे हैं, तो पर्सनल लोन की नियमित ईएमआई जारी रखते हुए पहले क्रेडिट कार्ड का बकाया खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए।

सिर्फ मिनिमम ड्यू भरना पड़ सकता है महंगा

क्रेडिट कार्ड का बिल आने पर कुछ लोग पूरी रकम चुकाने के बजाय केवल न्यूनतम देय राशि यानी ‘मिनिमम ड्यू’ भरते हैं। इससे भुगतान में चूक से बचने में मदद मिल सकती है, लेकिन बाकी बकाया रकम पर ब्याज लगना जारी रह सकता है।

इस वजह से कर्ज लंबे समय तक बना रह सकता है और कुल भुगतान भी बढ़ सकता है। इसलिए केवल न्यूनतम राशि भरने पर निर्भर रहने के बजाय, जितना संभव हो उतना अधिक भुगतान करके बकाया कम करना बेहतर है।

क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है असर

क्रेडिट कार्ड की लिमिट के मुकाबले ज्यादा बकाया होने से क्रेडिट यूटिलाइजेशन बढ़ता है, जो आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। आमतौर पर क्रेडिट लिमिट का 30 प्रतिशत से कम इस्तेमाल रखने की सलाह दी जाती है, हालांकि यह कोई तय सार्वभौमिक सीमा नहीं है।

दूसरी ओर, पर्सनल लोन की ईएमआई समय पर चुकाना भी जरूरी है। किस्तों में देरी होने पर क्रेडिट हिस्ट्री और स्कोर प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए क्रेडिट कार्ड का कर्ज चुकाते समय पर्सनल लोन की ईएमआई को नजरअंदाज न करें।

कर्ज से बाहर निकलने के लिए अपनाएं ये तरीके

1. पहले ब्याज दर देखें: दोनों कर्ज की ब्याज दर और भुगतान की शर्तों की तुलना करें। आमतौर पर सबसे महंगे कर्ज को पहले कम करना फायदेमंद होता है।

2. गैर-जरूरी खर्च घटाएं: बाहर खाने, ऑनलाइन शॉपिंग और अन्य अनावश्यक खर्चों में कटौती करके बची रकम कर्ज चुकाने में लगाएं।

3. बोनस या अतिरिक्त आय का इस्तेमाल करें: बोनस, इंसेंटिव या अन्य अतिरिक्त आय मिलने पर उसका एक हिस्सा क्रेडिट कार्ड का बकाया कम करने में लगा सकते हैं।

4. बैंक से ईएमआई के विकल्प पर बात करें: अगर पूरा क्रेडिट कार्ड बिल एक साथ चुकाना संभव नहीं है, तो बैंक से बकाया को ईएमआई में बदलने की सुविधा पूछें। ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शर्तों को समझने के बाद ही फैसला लें।

5. नया कर्ज लेने से बचें: पुराने कर्ज को चुकाने के लिए नया महंगा कर्ज लेने से समस्या बढ़ सकती है। किसी दूसरे विकल्प पर विचार करते समय उसकी कुल लागत की तुलना जरूर करें।

क्या है कर्ज चुकाने का सही फॉर्मूला?

अगर आपके ऊपर पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड दोनों का कर्ज है, तो सामान्य तौर पर पर्सनल लोन की ईएमआई समय पर भरते रहें और अतिरिक्त रकम ज्यादा ब्याज वाले क्रेडिट कार्ड बकाया को चुकाने में लगाएं। इससे ब्याज पर होने वाला खर्च कम हो सकता है।

हालांकि, अंतिम फैसला लेने से पहले दोनों कर्ज की वास्तविक ब्याज दर, बकाया रकम, समयसीमा और अपनी मासिक आय को ध्यान में रखें। सही योजना बनाने से कर्ज का बोझ कम करने और आर्थिक स्थिति संभालने में मदद मिल सकती है।

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Kailash Jaiswal

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