मोदी सरकार के समर्थन में ‘लाल हिट जनता पार्टी’ की एंट्री, कोकरोच से होगी टक्कर!

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री के समर्थन और विपक्षी दलों के विरोध में दिल्ली में सियासी माहौल गरमा गया है। शुक्रवार को कनॉट प्लेस के पास जनपथ रोड पर ‘लाल हिट जनता पार्टी’ के बैनर तले युवाओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विपक्षी दलों पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। युवाओं ने सरकार से अपने प्रदर्शन के लिए अनुमति देने की मांग भी की।
प्रधानमंत्री के अपमान का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के कथित अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने विपक्षी दलों की ओर से इस्तीफे की मांग और कथित अमर्यादित टिप्पणियों पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि यदि किसी व्यक्ति या पदाधिकारी के काम पर सवाल उठाए जा सकते हैं, तो इसके लिए मर्यादित भाषा और लोकतांत्रिक तरीके अपनाए जाने चाहिए।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि विपक्षी दल लगातार अलग-अलग लोगों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इसी तरह आगे चलकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग भी की जा सकती है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से विपक्ष के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को रोकने की मांग की।
दिल्ली पुलिस के समर्थन में प्रदर्शन
प्रदर्शन में शामिल कुछ युवाओं ने दिल्ली पुलिस के समर्थन में भी अपनी बात रखी। उनका आरोप था कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पुलिस के साथ खड़े होने के लिए यहां पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें अपने प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिल रही है।
एक युवक ने कहा कि पुलिस के साथ होने वाली कथित घटनाओं को देखकर उन्हें दुख होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ की जा रही टिप्पणियों से वे आहत हैं और देश के नेतृत्व का अपमान स्वीकार नहीं कर सकते।
10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन का किया विरोध
‘लाल हिट जनता पार्टी’ के बैनर तले जुटे युवाओं ने 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वे इस प्रदर्शन के विरोध में एकत्र हुए हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि यदि बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं, तो प्रशासन को सभी के लिए समान नियम लागू करने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने विपक्षी दलों पर जंतर-मंतर पर जारी गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इस्तीफे की मांग लोकतांत्रिक मर्यादा के भीतर होनी चाहिए।
अनुमति और प्रदर्शन के नियमों पर उठे सवाल
इस प्रदर्शन के दौरान अनुमति, विरोध-प्रदर्शन के नियमों और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती। विपक्षी दलों का पक्ष इस विवरण में शामिल नहीं है।
दिल्ली में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।



