महतारी सदन के निर्माण स्थल को लेकर विवाद, लालपुर में ग्रामीणों ने उठाए सवाल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लालपुर में सरपंच पर मनमाने तरीके से स्थल चयन का आरोप, उपसरपंच बोले—शिकायत के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई

संवाददाता द्वारा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। ग्रामीण महिलाओं के लिए सुविधा, प्रशिक्षण और स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों का केंद्र बनाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में बनाए जा रहे महतारी सदनों के निर्माण को लेकर ग्राम पंचायत लालपुर में विवाद सामने आया है। ग्रामीणों और पंचायत के उपसरपंच-पंचों ने निर्माण स्थल के चयन पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
ग्राम लालपुर के उपसरपंच पवन मिश्रा एवं पंचगण का आरोप है कि महतारी सदन का निर्माण गांव की मुख्य आबादी से दूर और विवादित स्थल पर कराया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रस्तावित स्थान रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को वहां पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
सरपंच के घर से सटाकर निर्माण का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि महतारी सदन के लिए ऐसा स्थान चुना गया है जो स्थानीय सरपंच इंदरनिया बाई के घर के समीप है। उनका दावा है कि गांव में अधिक सुविधाजनक और विवादरहित स्थान उपलब्ध होने के बावजूद उक्त स्थल का चयन किया गया। शिकायतकर्ताओं ने इसे लेकर स्थल चयन की प्रक्रिया और निर्णय की जांच की मांग की है।
हालांकि, सरपंच पक्ष का आधिकारिक जवाब इस शिकायत के संबंध में सामने आना बाकी है। इसलिए लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

30 लाख रुपये की लागत से बन रहे हैं महतारी सदन
छत्तीसगढ़ शासन की जानकारी के अनुसार महतारी सदन योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह की गतिविधियों और आजीविका संवर्धन के लिए स्थान उपलब्ध कराना है। शासन ने प्रत्येक महतारी सदन के लिए 30 लाख रुपये की लागत निर्धारित की है। अगस्त 2025 में जारी सरकारी जानकारी के अनुसार भवन का मानक डिजाइन एवं प्राक्कलन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा तैयार किया गया है और भवन लगभग 2,500 वर्गफुट क्षेत्र में प्रस्तावित है।
महतारी सदन में हॉल, कमरा, बरामदा, किचन, स्टोररूम, पेयजल के लिए ट्यूबवेल, सामुदायिक शौचालय और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
उपसरपंच पवन मिश्रा का कहना है कि निर्माण स्थल को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा पहले ही शिकायत की जा चुकी है। उनके मुताबिक सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अभी तक विवादित स्थल पर चल रहे निर्माण को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि मामले की मंत्रालय स्तर पर शिकायत करने की भी तैयारी की जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों की मांग है कि निर्माण कार्य की जांच कराई जाए तथा जब तक भूमि की स्थिति और स्थल चयन की प्रक्रिया स्पष्ट न हो, तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए।
मंशा महिला सुविधा की, लेकिन स्थल चयन पर सवाल
महतारी सदन योजना के तहत अगले कुछ वर्षों में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में ऐसे भवन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। शासन की योजना के मुताबिक इसका उद्देश्य महिलाओं को गांव में ही बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह एवं आजीविका गतिविधियों के लिए सुरक्षित और उपयोगी स्थान उपलब्ध कराना है।
ऐसे में लालपुर के ग्रामीणों का सवाल है कि जब योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को आसानी से सुविधा उपलब्ध कराना है, तो निर्माण स्थल का चयन किस आधार पर किया गया और क्या स्थल चयन से पहले ग्राम पंचायत स्तर पर सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया?
अब निगाहें जनपद पंचायत और जिला प्रशासन की जांच पर हैं कि लालपुर में महतारी सदन के लिए चुना गया स्थल शासन के निर्धारित मानकों और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप है या नहीं।



