
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने छह नए जिलों में जिला खेल अधिकारी (District Sports Officer) के पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इससे जिला स्तर पर खेल गतिविधियों का संचालन अधिक प्रभावी होगा और दूर-दराज के क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।
इन छह जिलों में होगी नियुक्ति
सरकार जिन नए जिलों में जिला खेल अधिकारियों की तैनाती करेगी, उनमें मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG), सक्ती, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) शामिल हैं। इन जिलों में खेल प्रशासन मजबूत होने से सरकारी योजनाओं और खेल विकास कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
नवा रायपुर और जशपुर में बन रहीं तीरंदाजी अकादमियां
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही है। इसी क्रम में नवा रायपुर और जशपुर में लगभग 67 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमियों का निर्माण कार्य जारी है। इन अकादमियों के शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ के लिए 100 करोड़ रुपये
प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ शुरू किया है। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उन्नत प्रशिक्षण, कोचिंग और आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
कोचों को आधुनिक प्रशिक्षण
खेल प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ के 14 खेल प्रशिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण के लिए पटियाला भेजा गया है। यहां वे आधुनिक खेल विज्ञान और उन्नत प्रशिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिसका लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।
जल्द शुरू होगी ‘छत्तीसगढ़ हॉकी लीग’
प्रदेश में हॉकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ हॉकी लीग’ शुरू करने की भी घोषणा की है। इस लीग के माध्यम से स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और राज्य में हॉकी को नई पहचान मिलेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि जिला खेल अधिकारियों की नियुक्ति, नई खेल अकादमियों का निर्माण, प्रशिक्षकों का उन्नत प्रशिक्षण और मिशन आधारित योजनाओं से छत्तीसगढ़ में खेलों को नई दिशा मिलेगी तथा खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।



