अमेरिका-ईरान टकराव हुआ तेज, जवाबी हमले के बाद बहरीन और कतर में हाई अलर्ट

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान पर नए हवाई हमले किए जाने के बाद गुरुवार तड़के कुवैत, बहरीन और कतर में संभावित ईरानी हमले की चेतावनी देते हुए मिसाइल अलर्ट सायरन बजाए गए। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार तीनों देशों में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले बुधवार को भी अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत की दिशा में मिसाइलें दागीं। कुवैती सेना का दावा है कि उसने ईरान से आने वाले कई ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया। बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है, जहां तेल की कीमतों में तेजी और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार बुशहर, चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास और सिरिक समेत कई क्षेत्रों में विस्फोट हुए हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों और समुद्री जल को मीठा बनाने वाले संयंत्रों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। उन्होंने खार्ग द्वीप पर नियंत्रण को लेकर भी सख्त बयान दिया।
घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार को हुई, जब ईरान ने होर्मुज क्षेत्र में तीन तेल टैंकरों पर हमला किया। इसके बाद अमेरिका ने जवाबी हवाई कार्रवाई की, जिसके प्रतिउत्तर में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई जहाजों पर हुए हमले का जवाब थी और यदि ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
बुधवार को ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि युद्ध रोकने के लिए किया गया अंतरिम समझौता अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि बातचीत की संभावना बनी हुई है, लेकिन उनका मानना है कि ईरान समय बर्बाद कर रहा है। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ट्रंप के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणियां ताकत का नहीं, बल्कि ईरान के प्रति अमेरिकी नीति की विफलता का संकेत हैं। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब आगे की घटनाओं पर टिकी हैं।



