विष्णुदेव साय के जन्मदिवस पर विशेष छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान

रायपुर, 19 फरवरी 2026 — छत्तीसगढ़ की सुरम्य वादियों में बसे जशपुर जिले के ग्राम बगिया में जन्मे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का व्यक्तित्व सज्जनता, सरलता और सहृदयता का प्रतीक माना जाता है। अपने दो वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने राज्य के विकास को नई दिशा देने के साथ जनता के बीच विश्वास और लोकप्रियता की मजबूत नींव रखी है। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाला यह नेतृत्व आज प्रदेश में समावेशी विकास और सामाजिक संतुलन का प्रतीक बन चुका है।
किसान हितैषी निर्णयों से मजबूत होती ग्रामीण अर्थव्यवस्था
राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से अंतर राशि होली से पहले एकमुश्त भुगतान करने का निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई। कृषक उन्नति योजना के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जाएगा। पिछले दो वर्षों में धान मूल्य अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि दी जा चुकी है, जो इस भुगतान के बाद लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। इससे ग्रामीण बाजारों में क्रय शक्ति बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
औद्योगिक निवेश और विकास की नई दिशा
नई औद्योगिक नीति के चलते राज्य को अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे रोजगार, अधोसंरचना और औद्योगिक विस्तार की संभावनाएँ बढ़ी हैं। विकास के इस मॉडल ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है।
महिला सशक्तिकरण बना शासन का प्रमुख आधार
वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” घोषित कर मातृशक्ति को सम्मान देने की पहल की गई है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये सहायता दी जा रही है।
- 42,878 महिला स्व-सहायता समूहों को 46 करोड़ रुपये का ऋण लाभ
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये
- 19 लाख से अधिक महिलाओं को पूरक पोषण आहार
- सखी वन स्टॉप सेंटर एवं महिला हेल्पलाइन 181 की स्थापना
- पंचायत स्तर पर 179 महतारी सदनों का निर्माण
- नवा रायपुर में यूनिटी मॉल से महिला उत्पादों को बाजार
सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
राज्य में 26 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति मिली है। 41 लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच चुका है और 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। समूह जल योजनाओं से 3208 गांव लाभान्वित हो रहे हैं तथा शत-प्रतिशत विद्युतीकरण की दिशा में कार्य जारी है।
बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ता अधोसंरचना विकास
रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना से बस्तर रेल नेटवर्क से जुड़ रहा है। जगदलपुर-विशाखापट्टनम तथा रायपुर-विशाखापट्टनम सड़क परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास के नए द्वार खोल रही हैं। नगरीय निकायों में नॉलेज-बेस्ड सोसाइटी के लिए लाइट हाउस निर्माण की पहल की जा रही है।
समावेशी विकास की सोच
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 5.62 लाख मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये सहायता दी जा रही है। आवास, कृषि, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं ने समाज के हर वर्ग तक विकास की पहुँच सुनिश्चित की है।
जननेतृत्व की पहचान
विष्णुदेव साय का नेतृत्व जनता के साथ संवाद, विश्वास और सहभागिता पर आधारित है। उन्होंने शासन को जनकेंद्रित बनाते हुए योजनाओं को धरातल तक पहुँचाने का प्रयास किया है। उनका कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि ईमानदार, संवेदनशील और समर्पित नेतृत्व विकास की राह को सरल बना सकता है।
मुख्यमंत्री का सार्वजनिक जीवन यह संदेश देता है कि जनसेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पण का संकल्प है। छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व के माध्यम से उभरता यह विकास मॉडल आने वाले वर्षों में राज्य की नई पहचान गढ़ने की क्षमता रखता है।



