रोज फेंकते हैं केले के छिलके? पहले पढ़ें इनके 10 चौंकाने वाले फायदे

Healthy lifestyle : केला स्वाद और सेहत—दोनों का बेहतरीन संगम है। इसमें मौजूद प्राकृतिक शर्करा तुरंत ऊर्जा देती है, जबकि पोटैशियम, फाइबर और अन्य पोषक तत्व शरीर को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं। लेकिन अक्सर हम इसका छिलका बेकार समझकर सीधे कूड़ेदान में डाल देते हैं। सच यह है कि केले का छिलका भी कई मामलों में बेहद काम का साबित हो सकता है। सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह रसोई, ब्यूटी केयर, सफाई और बागवानी—हर जगह मददगार बन सकता है। आइए जानते हैं इसके 10 नए और उपयोगी घरेलू तरीके।
- वेज रेशेदार फिलिंग के रूप में इस्तेमाल
केले के छिलके को अच्छी तरह धोकर उबाल लें और पतली स्ट्रिप्स में काट लें। मसालों के साथ भूनने पर इसकी बनावट रेशेदार हो जाती है, जिसे आप सैंडविच, रोल या टैको में वेज फिलिंग की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। यह मसालों का स्वाद अच्छे से सोख लेता है।
- मसालेदार भुजिया या सब्ज़ी
बारीक कटा छिलका हल्दी, नमक, मिर्च और राई के तड़के के साथ पकाकर स्वादिष्ट भुजिया बनाई जा सकती है। नारियल या मूंगफली डालने से इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
- फाइबर बढ़ाने का आसान तरीका
स्मूदी या केक/ब्रेड के घोल में थोड़ा-सा मुलायम छिलका मिलाने से फाइबर की मात्रा बढ़ती है। इसे पहले अच्छे से ब्लेंड कर लें ताकि टेक्सचर स्मूद रहे।
- मांस को रखें रसदार
धीमी आंच पर पकने वाले व्यंजनों में एक-दो छिलके डाल देने से नमी बनी रहती है। पकने के बाद छिलके निकाल दें—डिश ज्यादा मुलायम और जूसी बनेगी।
- त्वचा को दे प्राकृतिक नमी
छिलके के अंदरूनी हिस्से को चेहरे या हाथों पर हल्के हाथ से मलें। कुछ मिनट बाद धो लें—त्वचा को सॉफ्टनेस और हल्की चमक मिल सकती है।
- आंखों के नीचे ठंडक
थकी आंखों पर 5–10 मिनट के लिए छिलके का अंदरूनी भाग रख सकते हैं। इससे ठंडक महसूस होती है और त्वचा रिलैक्स होती है।
- कूड़ेदान की बदबू कम करें
कचरे की थैली के नीचे छोटे टुकड़े रख दें। यह कुछ हद तक दुर्गंध कम करने में सहायक हो सकते हैं।
- धातु की चीज़ों की सफाई
छिलके को पीसकर पेस्ट बना लें और चांदी या स्टील पर हल्के हाथ से रगड़ें। बाद में साफ कपड़े से पोंछ दें—प्राकृतिक चमक लौट सकती है।
- जूतों की चमक बढ़ाएं
लेदर जूतों पर अंदरूनी हिस्सा रगड़ें और सूखे कपड़े से पॉलिश करें। हल्की चमक आ सकती है।
- पौधों के लिए पोषण
छिलकों को पानी में भिगोकर कुछ दिनों बाद उस पानी से पौधों को सींचें। यह पोटैशियम युक्त हल्का प्राकृतिक टॉनिक बन सकता है।



