RO.NO. 01
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुधार की पहल: 12 गांवों के नाम बदलने का निर्णय

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने सामाजिक समानता और सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के 12 गांवों के नाम बदलने की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इन गांवों के नाम लंबे समय से जातिगत संदर्भों या अंधविश्वास से जुड़े माने जाते थे, जिनके कारण स्थानीय लोगों को सामाजिक असहजता का सामना करना पड़ता था।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कई इलाकों—विशेषकर कुरुद क्षेत्र—से ऐसी मांगें लगातार उठ रही थीं कि गांवों के नाम बदले जाएं, क्योंकि इनसे युवाओं और परिवारों को सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। प्रशासनिक रिपोर्टों में भी यह संकेत मिला कि नामों का प्रभाव ग्रामीणों की मानसिकता और पहचान पर पड़ता है।

राज्य सरकार का मानना है कि विकास केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक गरिमा और आत्मसम्मान भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इसी सोच के तहत जातिगत संकेत देने वाले या अंधविश्वास से जुड़े नामों को हटाकर नए, सकारात्मक और प्रेरणादायी नाम देने की तैयारी की जा रही है।

राजस्व अभिलेखों, पंचायत रिकॉर्ड और अन्य शासकीय दस्तावेजों में संशोधन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रस्तावित नए नामों को अंतिम रूप देकर राजपत्र में प्रकाशित करने की कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए।

सूत्रों के अनुसार जिन गांवों के नाम बदलने की प्रक्रिया चल रही है, उनमें चंडालपुर, नकटी, भंगी बस्ती, चमारपारा, डोमटोला, मेहरटोला, कटवारपारा, सुवरतला, कोलिहा, प्रेतनडीह, टोनहीनारा और चूहड़ा टोला शामिल हैं।

सरकार के इस निर्णय को सामाजिक समरसता और समानता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि नए नाम गांवों को नई पहचान देंगे और ग्रामीणों में आत्मविश्वास व सम्मान की भावना को मजबूत करेंगे।

Share this

Kailash Jaiswal

"BBN24 News - ताजा खबरों का सबसे विश्वसनीय स्रोत! पढ़ें छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया की ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, खेल, व्यवसाय, मनोरंजन और अन्य अपडेट सबसे पहले।"

Related Articles

Back to top button