ईरान को ट्रंप का अल्टीमेटम: डील नहीं तो हालात गंभीर

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि परमाणु समझौते में जल्द से जल्द सहमति बननी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर समझौता नहीं होता है तो हालात “बहुत गंभीर और कठिन” हो सकते हैं।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “हमें समझौता करना ही होगा। मैं चाहता हूँ कि यह न्यायपूर्ण और सही तरीके से हो, वरना परिणाम कठिन होंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि निर्णय जल्द होना चाहिए और ईरान को अगले एक महीने के भीतर स्थिति पर सहमति देनी चाहिए।
ट्रंप ने कहा कि यदि बातचीत विफल रही तो “फेज़ 2” शुरू होगा, जो ईरान के लिए बेहद कठिन कदम होंगे, हालांकि उन्होंने इसके具体 विवरण साझा नहीं किए। यह बयान उस बैठक के एक दिन बाद आया है, जिसमें ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की थी।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका बातचीत जारी रखना चाहता है, लेकिन ईरान पर दबाव भी बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, “हमारी बैठक सफल रही, लेकिन अंतिम निर्णय मेरे हाथ में है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पश्चिम एशिया में तनाव का केंद्र बना हुआ है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में अमेरिका ने 2015 का न्यूक्लियर समझौता छोड़ दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच परमाणु संवर्धन और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ा।
इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है। भारत, जो अपने तेल का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है और यहाँ बड़ी संख्या में नागरिक रहते हैं, इस पर विशेष ध्यान दे रहा है।



