डिजिटल इंडिया को नई रफ्तार, 2030 तक 1 बिलियन नागरिकों तक पहुंचेगा 5-जी नेटवर्क

नई दिल्ली : केंद्रीय संचार एवं आईटी मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने संसद में देश के डिजिटल विस्तार और दूरसंचार क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से वैश्विक डिजिटल शक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में संचार सुविधाओं का दायरा महानगरों से निकलकर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों तक पहुंचा है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मंत्री ने कहा कि देश में डिजिटल बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। ब्रॉडबैंड और मोबाइल इंटरनेट की पहुंच पहले की तुलना में कई गुना बढ़ी है और सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इसे और व्यापक बनाना है, ताकि हर नागरिक डिजिटल सेवाओं से जुड़ सके।
लोकसभा में दिए गए अपने वक्तव्य में सिंधिया ने बताया कि भारत ने रिकॉर्ड समय में 5-जी नेटवर्क का विस्तार किया है। करीब दो वर्षों के भीतर देश के लगभग सभी जिलों में 5-जी सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इस विस्तार के लिए दूरसंचार कंपनियों ने भारी निवेश करते हुए लाखों बेस ट्रांससीवर स्टेशन स्थापित किए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में करोड़ों लोग 5-जी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं और आने वाले वर्षों में यह संख्या तेजी से बढ़ेगी। सरकार का अनुमान है कि 2030 तक लगभग एक अरब नागरिक 5-जी नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
सिंधिया ने यह भी कहा कि भारत की रणनीति केवल नई तकनीक अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की तकनीकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने की है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में 6-जी तकनीक के क्षेत्र में भारत वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ेगा।
ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क और फाइबर कनेक्टिविटी का विस्तार गांवों में डिजिटल बदलाव ला रहा है। कई राज्यों ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट उपयोग और डिजिटल सेवाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है।



