कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह का क्षेत्र भ्रमण तेज भगवान का लिया आशीर्वाद

रायपुर। कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने अपने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाते हुए व्यापक क्षेत्र भ्रमण शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद लिया। मीडिया से चर्चा करते हुए बृहस्पत सिंह ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे न केवल अपने क्षेत्र से बल्कि पूरे प्रदेश में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
क्षेत्र में हाल के दिनों में घटित घटनाओं का जिक्र करते हुए बृहस्पत सिंह ने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जितनी जवाबदेह होती है, उतना ही जवाबदेह विपक्ष भी होना चाहिए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह संतुलन नजर नहीं आता।

अपने राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें आगे राजनीति में क्या करना है, इसका निर्णय कांग्रेस के बड़े नेता और कांग्रेस पार्टी ही करेगी। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को नसीहत देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस की स्थिति पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और ओडिशा की कांग्रेस कमेटियों जैसी नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बृहस्पत सिंह ने कहा कि यदि बड़े नेताओं की कथित तानाशाही और मनमानी इसी तरह चलती रही, तो जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जनता के बीच अपनी जगह बनाने के लिए उनका दिल जीतना होगा और जमीन पर काम करना पड़ेगा। आपसी लड़ाई और एक-दूसरे को गुमराह करने से कुछ हासिल नहीं होगा, बल्कि सभी को एकजुट होकर काम करना पड़ेगा।

पूर्व विधायक ने कहा कि पिछली बार भी छत्तीसगढ़ की जनता आशीर्वाद देने के लिए तैयार थी। मीडिया, व्यापारी वर्ग और आम जनता का समर्थन भी मिल रहा था, लेकिन शायद यह सब भाग्य में नहीं लिखा था। उन्होंने एक मुहावरे का उल्लेख करते हुए कहा कि “विनाश काले विपरीत बुद्धि” की स्थिति में लोग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने लगते हैं और अपनों को किनारे कर देते हैं।
अंत में बृहस्पत सिंह ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे कांग्रेस के नेताओं को सद्बुद्धि दें। उन्होंने ‘निपटो-निपटा’ की राजनीति बंद करने की बात कहते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है और उसे गंभीरता से लेना होगा।



