वेनेजुएला तेल खरीद पर रूस का समर्थन, भारत के अधिकार पर जताया भरोसा

मॉस्को/नई दिल्ली। रूस ने स्पष्ट किया है कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। रूस का कहना है कि भारत द्वारा तेल आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाना न तो कोई नई रणनीति है और न ही इसे मॉस्को के खिलाफ कदम के रूप में देखा जाना चाहिए।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रूस कभी भी भारत का एकमात्र ऊर्जा भागीदार नहीं रहा है। उन्होंने बताया कि भारत लंबे समय से विभिन्न देशों से कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद आयात करता रहा है, ऐसे में आपूर्ति स्रोतों में बदलाव को असामान्य मानना सही नहीं होगा। पेस्कोव ने यह भी कहा कि रूस को इस बात की पूरी जानकारी है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत के कई साझेदार हैं।
यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया है, जब अमेरिका की ओर से यह दावा किया गया कि भारत रूस से तेल आयात कम करने या रोकने पर विचार कर रहा है। हालांकि रूसी पक्ष ने साफ किया कि उसे भारत सरकार की ओर से इस तरह की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। पेस्कोव के अनुसार, मॉस्को को अब तक नई दिल्ली से रूसी तेल की खरीद बंद करने से जुड़ा कोई संकेत प्राप्त नहीं हुआ है।
वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय ने भी भारत-रूस ऊर्जा सहयोग को दोनों देशों के लिए लाभकारी बताया है। मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में आपसी सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में संतुलन और स्थिरता बनाए रखने में भी योगदान देता है। उन्होंने दोहराया कि रूस भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे भी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।



